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जम्मू-कश्मीर: सरकारी जमीन पर बना दारुल उलूम ढहाया गया, क्यों हुई ये कार्रवाई?

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में सरकारी जमीन पर बने एक दारुल उलूम को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए ढहा दिया है. इसी दारुल उलूम में साल 2022 में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे, जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले में जांच शुरू कर दारुल उलूम को सील कर दिया था. जांच के दौरान एनआईए ने दारुल उलूम के प्रबंधक और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया था.

एक अधिकारी के मुताबिक, पुलवामा के चेवा कलां गांव में स्थित दारुल उलूम में आतंकवादियों की जानकारी पर साल 2022 के मार्च महीने में पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने एक ऑपरेशन चलाया था. इस बीच सुरक्षाबलों की दारुल उलूम में मौजूद आतंकवादियों से मुठभेड़ हो गई थी. सुरक्षाबलों ने दारुल उलूम में मौजूद दो आतंकवादियों को मार गिराया था. इनमें एक स्थानीय और दूसरा आतंकवादी विदेशी था. इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने ले ली थी.

NIA की गिरफ्त में दारुल उलूम के प्रबंधक

अधिकारी ने बताया कि, जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दारुल उलूम के प्रबंधक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया था. दोनों अभी भी उनकी हिरासत में हैं. वहीं मुठभेड़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुई तीन कमरों वाली दारुल उलूम की इमारत का पिछले साल से उपयोग नहीं किया जा रहा है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और रेवेन्यू विभाग की सिफारिश पर पुलिस की सहायता से इमारत के अवशेषों को कल रात ढहा दिया गया.

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