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जिले में अब तक औसत 458.88 मिमी हुई बारिश बिजली कंपनी ने कहा- पोल व ट्रांसफॉर्मरों से रहें दूर

रतलाम। इस बार जुलाई माह के 21 दिनों की बारिश ने ही जिले को तरबतर कर दिया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से औसत बारिश का आधा कोटा पूरा हो गया है। शुक्रवार को शहर सहित आसपास के कई स्थानों पर रिमझिम बारिश हुई।

जिले में अब तक औसत 458.88 मिमी बारिश हो चुकी है। यह पिछले साल की तुलना में 105.70 मिमी ज्यादा है। जिले की कुल सामान्य बारिश 918.3 मिमी है। पर्याप्त पानी आने से जलाशय भी ओवरफ्लो होने लगे हैं। उसके साथ ही नलकूपों से भी पानी बाहर आने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के शेष दस दिन भी झमाझम बारिश के बीच ही गुजरेंगे। धोलावड़ जलाशय में भी पानी की अच्छी आवक हो रही है और करीब आधा मीटर पानी प्रतिदिन बढ़ रहा है।

शुक्रवार को दिन में सूरज की तेजी से गर्मी–उमस से लोग परेशान होते रहे। सुबह आठ बजे समाप्त हुए बीते चौबीस घंटों के दौरान जिले में औसत 24.50 मिमी पानी बरसा। आलोट तहसील में 73 मिमी, जावरा में 34 मिमी, ताल में 31 मिमी, पिपलौदा में 10 मिमी, बाजना में 27 मिमी, रतलाम में 3 मिमी, रावटी में 9 मिमी, सैलाना तहसील में 9 मिमी बारिश हुई।

गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को अधिकतम तापमान स्थिर रहा, वहीं रात के तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज हुई। सुबह की आर्द्रता 98 प्रतिशत व शाम की 84 प्रतिशत रही, जो गुरुवार को 95 व 84 प्रतिशत थी। अब तक हुई बारिश में पिपलौदा काे छोड़ जिले की सभी तहसीलें आगे निकल चुकी हैं। पिछले साल के मुकाबले आलोट में 223 मिमी, जावरा में 153 मिमी, ताल में 142 मिमी, बाजना में 238 मिमी, रतलाम में 123 मिमी, रावटी में 33.60 मिमी, सैलाना में 20 मिमी अधिक बारिश हो चुकी है। पिपलौदा में 87 मिमी पानी कम बरसा है।

जिले की तहसीलों में अब तक की बारिश

  • आलोट 489.0
  • जावरा 627.0
  • ताल 368.0
  • पिपलौदा 317.0
  • बाजना 573.0
  • रतलाम 438.0
  • रावटी 395.0
  • सैलाना 464.0
  • औसत 458.88

वर्षाकाल में पोल, ट्रांसफार्मर से दूर रहने की अपील

बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं, आम नागरिकों से वर्षाकाल में पोल, तार, ट्रांसफार्मरों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की है। मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी ने कहा कि कई बार तेज हवा, आंधी, तेज बारिश के साथ ही लाइनों के पास से पेड़, होर्डिंग्स आदि गिरने की वजह से तार टूट सकते हैं। करंट लीकेज की वजह से भी नीचे करंट उतर जाता है। ऐसे में पोल, ट्रांसफार्मर, तार से पर्याप्त दूरी बनाए रखने पर हादसे से बचा जा सकता है।

अगर बिजली लाइन, पोल, ट्रांसफार्मर के पास कोई पेड़ या शाखा गिरी हो तो शाखा, पेड़ को भी हाथ न लगाएं। उपभोक्ता या आम नागरिकों ने करंट, फाल्ट या बिजली संसाधनों को लेकर कोई भी आकस्मिक सूचना टोल फ्री नंबर 1912 या अपने क्षेत्र के बिजली अधिकारी को दी जा सकती है। प्रत्येक बिल पर भी संबंधित जोन, वितरण क्षेत्र के नंबर के साथ ही प्रभारी इंजीनियर के नंबर दर्ज होते हैं।

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