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ठाणे में गर्डर लॉन्चिंग मशीन ढहने से मरने वालों की संख्या हुई 17, अभी भी कई लोग फंसे

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में समृद्धि एक्सप्रेसवे निर्माण के तीसरे चरण के दौरान एक क्रेन के मंगलवार को पुल के एक स्लैब (पट्टी) पर गिर जाने से 17 श्रमिकों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कुछ लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है और उन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं और उन्हें ठाणे के कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने इस घटना की विशेषज्ञों से जांच कराने के आदेश दिए हैं।

फडणवीस ने हादसे में श्रमिकों के मारे जाने पर शोक भी जताया। हादसे का कारण बनी क्रेन एक विशेष प्रयोजन वाली ‘मोबाइल गैन्ट्री क्रेन’ थी, जिसका उपयोग पुल निर्माण और राजमार्ग निर्माण परियोजनाओं में पूर्वनिर्मित डिब्बानुमा पुल की डाट (गर्डर) लगाने के लिए किया जाता था। अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना मंगलवार तड़के मुंबई से करीब 80 किलोमीटर दूर शाहपुर तहसील के सरलांबे गांव के पास हुई। समृद्धि महामार्ग को ‘हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग’ के नाम से जाना जाता है।

यह मुंबई और नागपुर को जोड़ने वाला 701 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे है, जो नागपुर, वाशिम, वर्धा, अहमदनगर, बुलढाणा, औरंगाबाद, अमरावती, जालना, नासिक और ठाणे सहित 10 जिलों से होकर गुजरता है। समृद्धि महामार्ग के निर्माण का कार्य महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम कर रहा है। नागपुर को शिरडी से जोड़ने वाले इसके पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिसंबर 2022 में किया था। पहले चरण के तहत 520 किलोमीटर लंबा मार्ग बनाया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 26 मई को इगतपुरी तालुका के भारवीर गांव से शिरडी तक समृद्धि महामार्ग के 80 किलोमीटर लंबे दूसरे चरण का उद्घाटन किया था।

शिंदे ने मई में कहा था कि तीसरा और आखिरी चरण इस साल दिसंबर के अंत तक पूरा हो जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर पिछले छह महीने में हुई सड़क दुर्घटनाओं में कुल 88 लोगों की जान गई है, जिनमें से 25 लोगों की मौत पिछले महीने एक निजी बस के डिवाइडर से टकराने के कारण उसमें आग लगने से हुई। राज्य राजमार्ग पुलिस के अधिकारी ने बताया कि छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं का एक कारण सड़क सम्मोहन (रोड हिप्नोसिस) बताया जाता है। सड़क सम्मोहन एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें वाहन चालक की आंखें तो खुली होती हैं, लेकिन उसका दिमाग क्रियाशील नहीं रहता। इस स्थिति में चालक को यह याद नहीं रहता कि उस विशेष अवधि में क्या हुआ।

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