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डेंगू की थमी रफ्तार नए केस नहीं मिलने से राहत एहतियात बरत रहा निगम

भिलाई। दुर्ग जिले में शुक्रवार को डेंगू का कोई नया केस नहीं मिला। अस्पताल में उपचार कर रहे छह में से एक डेंगू पाजिटिव स्वस्थ्य होकर घर लौट गया। पांच का उपचार जारी है। उनकी भी स्थिति बेहतर बताई जा रही है। जिला स्वास्थ्य विभाग, निगम और बीएसपी की टीम पूरी तरह से एहतियात बरत रही है। बता दें कि भिलाई में 18 जुलाई को डेंगू का पहला केस आया था। एक सप्ताह में संख्या बढ़कर 17 हो गई थी। भिलाई के अलावा दुर्ग नगर निगम क्षेत्र तथा दुर्ग जिले के निकुम में एक केस मिला था। कुल 18 डेंगू पाजिटिव मरीजों में से 13 मरीज स्वास्थ्य लाभ लेकर घर पर है एवं 05 मरीज अस्पताल में उपचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि डेंगू पाजिटिव मरीजों में से चार मरीजों की विभिन्न स्थानों की ट्रेवल हिस्ट्री पाई गई है। जैसे मुबई, बेंगलुरू, रायपुर आदि ।

पटरी पार क्षेत्र में भिलाई नगर निगम की टीम, जनस्वास्थ्य विभाग की टीम, जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय की टीम एवं शहरी खंड चिकित्सा अधिकारी सुपेला की टीम द्वारा संवेदनशील इलाकों में बुखार पीड़ितों की आरडी किट जांच की जा रही है। आसपास के कम से कम 100 घरों में मच्छर लार्वा का स्रोत नियंत्रण गतिविधि जैसे कि गमला, कूलर, टायर, टंकी, फीज, ट्रे की जांच कर तत्काल लार्वा नष्ट किये जा रहा है।

टाउनशिप में पहुंची टीम

भिलाई इस्पात संयंत्र के जन स्वास्थ विभाग एवं डेंगू के नियंत्रण के लिए जिला मलेरिया विभाग दुर्ग के संयुक्त रूप से चलाये जा रहे, वृहद सर्वेक्षण का शुक्रवार को संयुक्त निरिक्षण, जिला मलेरिया एवं जिला सर्वेलेंस अधिकारी डा सी बी एस बंजारे, भिलाई नगर निगम क्षेत्र के नोडल अधिकारी डा प्रीतम सिंह एवं जन स्वास्थ एवं उद्यान के उप महाप्रबंधक डा एन के जैन द्वारा किया गया। भिलाई टाउनशिप की हरियाली एवं आवासों से लगी, खाली भूमि लोगों को बेहतर आवास तो उपलब्ध करता है, वहीं बारिश के मौसम में इन खुले स्थानों में पड़े पात्रों में जल जमा होने के कारण, पानी में पैदा होने वाले मच्छर की एडिस प्रजाति के भी पैदा होने की आशंका लगातार बनी रहती है, जो डेंगू, मलेरिया एवं मच्छर जनित रोगों के प्रसार का कारक है।

वृहद सर्वेक्षण एवं जागरूकता अभियान

भिलाई टाउनशिप में डेंगू के अनेक संधिग्ध प्रकरण सामने आने के कारण ऐतिहातन एवं रोकथाम के लिए जागरूकता लाने जन स्वास्थ विभाग, नगर सेवाएं, भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा जिला मलेरिया विभाग दुर्ग से भुगतान के आधार पर प्राप्त 48 ब्रीडिंग चेकर्स के माध्यम से13 जून से वृहद सर्वेक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जल-पात्र व जल जमाव के अन्य स्थानों का निरीक्षण कर मच्छरों के लार्वा विनिष्टीकरण के साथ ही निरोधक उपायों के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

बीएसपी का दावा 35,695 आवासों में जांच

बीएसपी के अनुसार अब तक 48 ब्रीडिंग चेकर्स द्वारा 35,695 आवासों में जांच की गई। कूलर एवं जल पात्रों की जांच 35,915 घरों में की गई। लार्वा मिले घरों की संख्या 3,336 है। टेमीफोस का वितरण 28,443 घरों में किया गया। मच्छरों के संख्या पर नियंत्रण के लिए नियमित रूप से ऐसे स्थान जहां पानी एकत्र होता है, को नाली बनाकर खाली करने के साथ ही रुके पानी पर आयलिंग का कार्य आरंभ किया गया है। ताकि मच्छर को लार्वा स्टेज में ही समाप्त कर मच्छरों की संख्या पर नियंत्रण रखा जा सके। वेहिकल माउंटेड थर्मल फागिंग मशीन द्वारा पुरे टाउनशिप में फागिंग आपरेशन आरंभ किया गया है।

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