Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

दाल मिल संचालकों के लिए फरमान- एफएसएसएआइ लाइसेंस देखें, फिर बेचें दाल

इंदौर। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी आफ इंडिया (एफएसएसएआइ) के एक आदेश ने दाल उद्योग को हैरान-परेशान कर दिया है। दाल मिल संचालकों को आदेश दिया गया है कि वे उसी व्यक्ति या फर्म को दाल बेच सकती हैं जो एफएसएसएआइ लाइसेंसधारी हो। दाल उत्पादक हैरान हैं आखिर वे व्यापार करें या माल बेचने से पहले ग्राहक का लाइसेंस जांचें।

आल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के वार्षिक सम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर इस नियम को निरस्त करने की मांग की गई है। चुनावी मौसम में दाल उद्योग मनमाने नियम के खिलाफ मोर्चा खोल सकता है। दो दिन पहले देशभर के दाल उद्योग के पदाधिकारियों के सामने इस मुद्दे को उठाया गया।

यह भी पढ़ें

व्यावहारिक रूप से यह संभव नहीं

इंदौर में हुए वार्षिक सम्मेलन में इंदौर के मिलर अनिल गुप्ता ने इस मुद्दे के उठाते हुए कहा कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आदेश जारी कर सिर्फ एफएसएसएआइ लाइसेंसधारी को ही दाल बेचने का आदेश दिया है। व्यावहारिक रूप से यह संभव नहीं है। तमाम छोटे किराना दुकानवाले से लेकर थोक ग्राहक भी हैं, जो लाइसेंस नहीं लेते। कानून के नियमों के कारण ही उन पर लाइसेंस की बाध्यता नहीं है। सिर्फ 60 प्रतिशत व्यापारी ऐसे हैं जो लाइसेंसधारी हैं। ऐसे में मनमानी शर्त उद्योगों को व्यापार ही नहीं करने देगी।

व्यापार में ऐसा संभव नहीं है

छोटे व्यापारियों किराना वालों को लाइसेंस से छूट है। शादी या समारोह से लेकर अन्य तमाम रिटेल ग्राहक भी ऐसे होते हैं जो मिलों से इकट्ठी दाल खरीदते हैं। क्या हम उन्हें दाल विक्रय से मना करें या लाइसेंस लेने के लिए कहें। ऐसा व्यापार में संभव नहीं है। इस नियम को वापस लेना चाहिए। केंद्र सरकार तक हम मांग पहुंचा रहे हैं। वर्ना विरोध भी करेंगे। -सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष आल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन

यह आदेश होलसेलर और रिटेलर के लिए भी

कुछ दिनों पहले फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी आफ इंडिया ने आदेश जारी हुआ है। यह सिर्फ दाल मिल संचालकों के लिए नहीं है. होलसेलर और रिटेलर के लिए भी है। -मनोज रघुवंशी, जिला खाद्य अधिकारी

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.