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दिल्ली कोर्ट से मनीष सिसोदिया को नहीं मिली राहत, न्यायिक हिरासत 31 मई तक बढ़ी

दिल्ली के आबकारी मामले में आरोपी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 31 मई तक के लिए बढ़ा दी है. हालांकि आज शाम 5 बजे दिल्ली हाईकोर्ट मनीष सिसोदिया की कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगा. मनीष सिसोदिया को CBI ने पिछले साल 26 फरवरी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 9 मार्च को गिरफ्तार किया था.

राउज ऐवन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 31 मई तक बढ़ाते हुए आरोपियों से लिखित में यह बताने के लिए कहा कि अन रिलाइड दस्तावेजों की जांच के लिए कितना समय लगेगा? सिसोदिया को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल से कोर्ट में पेश किया गया. राउज ऐवन्यू कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 31 मई 12 बजे होगी.

मनीष सिसोदिया के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया था. वह मौजूदा समय में लोकसभा चुनावों के प्रचार में लगे हुए. सुप्रीम कोर्ट से उन्हें अपनी पार्टी के लिए प्रचार करने को लेकर अंतरिम जमानत 1 जून तक के लिए मिली हुई है.

वहीं, आबकारी नीति मामले में सिसोदिया की ओर से दायर जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 14 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. सिसोदिया ने सीबीआई और ईडी द्वारा उनके खिलाफ दोनों मामलों में जमानत की मांग की थी. सिसोदिया की तरफ से पेश हुए वकीलों ने दलील दी थी कि सिसोदिया कई कारणों से जमानत पर रिहा होने के हकदार हैं.

मनीष सिसोदिया ने दी थी ये दलील

मनीष सिसोदिया ने भी कहा था कि वो 14 महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में हैं इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए, लेकिन ईडी ने सिसोदिया की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए दलील दी थी कि आबकारी नीति घोटाले में मनीष सिसोदिया ने अहम भूमिका निभाई. सिसोदिया को पिछले साल फरवरी में ईडी ने और उसके एक महीने बाद सीबीआई ने गिरफ्तार किया था.

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