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नमी रहने से आंशिक बादल बरकरार हल्की बौछारें पड़ने के आसार

भोपाल। मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई मौसम प्रणाली वर्तमान में सक्रिय नहीं है। मानसून द्रोणिका भी अपनी सामान्य स्थिति से ऊपर बनी हुई है। इस वजह से प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में कमी आने लगी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वातावरण में नमी बनी हुई है। साथ ही हवाओं का रुख पश्चिमी बना हुआ है। इस वजह से अधिकतर जिलों में आंशिक बादल बने हुए हैं। तापमान में कुछ बढ़ोतरी होने की स्थिति में कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर हल्की बौछारें भी पड़ सकती हैं। उधर, पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक रतलाम में तीन, सीधी में एक, मलाजखंड में 0.4 मिलीमीटर बारिश हुई। उज्जैन में बूंदाबांदी हुई।

वर्तमान में कोई मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके विश्वकर्मा ने बताया कि वर्तमान में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने के कारण बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आने का सिलसिला काफी कम हो गया है। इस वजह से प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में कमी आ गई है। इस तरह की स्थिति अभी दो तीन दिन तक बनी रह सकती है। हलांकि इस दौरान तापमान बढ़ने की स्थिति में कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर बादल बनने के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि बांग्लादेश पर बना ऊपरी हवा का चक्रवात पुन: बिहार पर आ गया है। पाकिस्तान और उसके आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। मानसून द्रोणिका वर्तमान में अमृतसर, अंबाला, बरेली से बिहार में बने चक्रवात से होकर मणिपुर तक बनी हुई है। उधर हवाओं का रुख अभी पश्चिमी बना हुआ है। इस वजह से कुछ नमी आने के कारण बादल बने हुए हैं। हालांकि राजधानी भोपाल में बीच-बीच में हल्की धूप भी निकल रही है। तापमान में बढ़ोतरी होने पर दोपहर के बाद कहीं-कहीं बौछारें भी पड़ सकती हैं।

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