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नवंबर में रिकार्ड पांच हजार विद्यार्थियों ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से ली उपाधि

इंदौर। विधानसभा चुनाव की वजह से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय नवंबर में परीक्षा नहीं करवा पाया, लेकिन इसी महीने में सबसे ज्यादा डिग्रियां जारी की गई हैं। यह आंकड़ा औसतन से एक हजार अधिक रहा है। अक्टूबर-नवंबर की इस अवधि में अधिकांश विद्यार्थियों ने उपाधि देने के लिए सरकारी विभागों में नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेने का कारण बताया है। छात्र-छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आठ से दस दिनों में उपाधि बनाकर दी हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, हर महीने में चार हजार डिग्री देते हैं, मगर नवंबर में आंकड़ा पांच हजार तक पहुंच गया है। दरअसल, चुनाव के दौरान विश्वविद्यालय के परीक्षा व गोपनीय विभाग के 300 कर्मचारियों की ड्यूटी निर्वाचन कार्यों में लगाई थी। इसके चलते विश्वविद्यालय को परीक्षा करवाने में थोड़ी दिक्कतें हुईं, मगर इस अवधि में सबसे ज्यादा डिग्रियां बनाकर विद्यार्थियों को बांटी गई है।

एक दिन में बनती है करीब दो सौ डिग्रियां

अधिकारियों के मुताबिक, डिग्री बनाने के लिए चार लोगों का स्टाफ मौजूद है। प्रतिदिन एक कर्मचारी 50 डिग्री बनाता है। इस हिसाब से एक दिन में 200 डिग्री बनाकर दी जाती हैं। एक महीने में 20-21 दिन काम होता है। इससे देखते हुए विश्वविद्यालय से महीनेभर में चार हजार डिग्रियां जारी होती हैं।

इसलिए जारी की इतनी डिग्रियां

वैसे नवंबर में स्नातक-स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कर चुके छात्र-छात्राओं ने डिग्री के लिए आवेदन किए थे। अधिकांश को सरकारी विभागों में विभिन्न पदों पर नौकरी लग चुकी थी, जिन्हें अपने-अपने विभागों में दस्तावेज सौंपना थे। इसके अलावा विदेशों के शैक्षणिक संस्थानों में पीजी और पीएचडी करने वालों ने भी डिग्रियां निकलवाई है।

माईग्रेशन-ट्रांसक्रिप्ट भी रहे अधिक

विश्वविद्यालय ने नवंबर में माइग्रेशन-ट्रांसक्रिप्ट, डुप्लीकेट मार्कशीट व प्रोविजनल डिग्री भी अधिक संख्या में जारी किए हैं। ट्रांसक्रिप्ट 2736, माइग्रेशन 1792, प्रोविजनल डिग्री 69, डुप्लीकेट मार्कशीट 91 बनाई है। अधिकारियों के मुताबिक, अक्टूबर से तीस फीसद ट्रांसक्रिप्ट अधिक रही है। इन्हें विद्यार्थियों ने जिस संस्थान में प्रवेश लिया है, वहां के पते पर सीधे भिजवाई है।

स्टाफ को छुट्टी वाले दिन बुलाया

नवंबर में डिग्री और ट्रांसक्रिप्ट बाकी दिनों की तुलना में विश्वविद्यालय ने अधिक जारी किए हैं। अधिकांश आवेदकों ने सरकारी विभागों की भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज की आवश्यकता होना बताया है। इस आधार पर दस दिनों में डिग्रियां बनाकर दी है। इसके लिए स्टाफ को छुट्टी वाले दिन (शनिवार) को भी बुलाया है। -डा. विष्णु मिश्रा, सहायक कुलसचिव, डीएवीवी

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