Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

पेशाब की थैली में फंसी थी सेफ्टी पिन, इंदौर के डाक्टरों ने दूरबीन पद्धति से निकाली

इंदौर। एमवाय अस्पताल में जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक कर मरीजों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। अस्पताल में आए दिन ये सर्जरी की जा रही हैं। खास बात है कि इनमें कई मरीज वे भी शामिल होते हैं, जिन्हें निजी अस्पताल से यहां रैफर किया जाता है। ऐसा ही एक केस मंगलवार को आया, जिसमें मरीज के पेशाब की थैली में सेफ्टी पिन फंसी हुई थी, जिसे दूरबीन पद्धति से सफलतापूर्वक निकाला गया।

अस्पताल की सर्जरी ओपीडी में मंगलवार को एक 40 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर पुरुष उपचार के लिए आया था। जांच में पता चला कि उसकी पेशाब की थैली में लोहे की सेफ्टी पिन फंसी हुई है, जिसका नुकीला हिस्सा पेशाब के रास्ते में गढ़ा हुआ था। इसके कारण मरीज को काफी तकलीफ हो रही थी।

पिन किसी नस में लग जाती तो बढ़ जाती परेशानी

सर्जरी विभाग अध्यक्ष डा. मनीष कौशल के नेतृत्व में यूरोलाजी यूनिट प्रभारी डा. वैभव श्रीवास्तव ने गुरुवार को दूरबीन पद्धति से आपरेशन कर मरीज की पेशाब की थैली में फंसी सेफ्टी पिन निकाली। यह काफी जटिल था, क्योंकि यदि पिन का हिस्सा किसी नस में लग जाता तो परेशानी बढ़ सकती थी।

निजी अस्पताल से मरीज को किया था रैफर

आपरेशन के बाद मरीज स्वस्थ है और डाक्टरों की निगरानी में है। वह चल भी पा रहा है। रविवार को मरीज को डिस्चार्ज भी कर दिया जाएगा। बता दें कि मरीज को एक निजी अस्पताल से यहां इलाज के लिए रैफर किया गया था। आपरेशन में डा. के ऋषि, डा. अभिनय सोनी, डा. के बोकड़े आदि का भी सहयोग रहा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.