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प्रबंध निदेशक से बातचीत के बाद बिजलीकर्मियों की हड़ताल खत्म

भोपाल। मध्यप्रदेश के 70 हजार बिजलीकर्मियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर की जा रही हड़ताल शनिवार को खत्म हो गई है।दरअसल शनिवार को बिजलीकर्मियों के संगठन की कंपनी के प्रबंध निदेशक से बातचीत हुई। इस दौरान कर्मियों की मांगों पर सहमति बनने के बाद ही कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। इससे पहले जब वह हड़ताल पर थे तो सरकार द्वारा उन पर एस्मा यानी एसेंशियल सर्विसेज मैनेजमेंट एक्ट (अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून) लगा दिया था। अब हड़ताली कर्मियों पर हुई यह कार्रवाई निरस्त की जाएगी।

जानकारी के अनुसार दो अक्टूबर को बिजलीकर्मियों ने गोविंदपुरा में गांधी प्रतिमा के सामने उपवास और भजन-कीर्तन किए और छह अक्टूबर को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी। इसके बाद यूनियन पदाधिकारियों की पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक के साथ बैठक भी हुई थी, लेकिन तीन दौर की बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। इसके चलते वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए थे।

इससे पहले शुक्रवार को सरकार और संगठनों के बीच कोई चर्चा भी नहीं हुई थी। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से भोपाल सर्कल में ही 932 शिकायतें पेंडिंग हो गईं थी। राजधानी में आंकड़ा 615 रहा। ज्यादातर शिकायतें फाल्ट, लाइन सुधार आदि से जुड़ी हैं। इस कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थी।

इसी बीच कर्मचारी संगठनों की शनिवार को पावर मैनेजेंट कंपनी के प्रबंध निदेशक से बातचीत हुई। इस दौरान कर्मचारियों पर कार्रवाई निरस्त करने, पेंशन, तीन स्टार, कंपनी कैडर, संविदा एवं आउटसोर्स के विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी।इससे संगठनों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। इस दौरान अभियंता संघ से विकास शुक्ला, यूनाइटेड फोरम से वीकेएस परिहार, लोकेंद्र श्रीवास्तव, आरएस कुशवाहा, दुर्गेश दुबे एवं पावर इंजीनियर एंपलाई से कुलदीप गुर्जर एवं अजय मिश्रा शामिल थे।

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