Breaking News in Hindi

फेरबदल पर चिंता जताकर शासन को माना करोड़ों की भूमि का मालिक

ग्वालियर। महाराजपुरा हवाई अड्डे के पास मौजूद विक्रमपुर सेंथरी गांव की 14 करोड़ की भूमि पर ग्रामीणों के कब्जे को अवैध बताते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय ने शासन के पक्ष में फैसला दिया है। न्यायालय ने तथ्यों और तर्कों पर विचार करते हुए अपना निर्णय सुनाते हुए 4 बीघा 15 बिस्वा भूमि को शासन का मानते हुए फैसला सुनाया और वर्तमान में यह भूमि जीडीए को सुपुर्द कर दी गई है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक धर्मेद्र कुमार शर्मा ने कहा कि दस्तावेजों में गड़बड़ी करते हुए बेशकीमती भूमि को कब्जाया गया था।

जब संबंधित अधिकारियों को इस बारे में कोर्ट ने निर्देश दिए तो आरआई नरेश कुशवाह ने मामले की गंभीरता को समझा और दो दिन के भीतर वर्ष 1940 के मूल अभिलेख सहित अन्य रजिस्टरों और दस्तावेजों को कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया । जिनका अवलोकन किए जाने के बाद यह सामने आया कि वादी के द्वारा पेश किए दस्तावेजों और मूल रिकार्ड में भिन्नता थी ।

खसरे में काट छांट की गई थी और नाम जोडा कर फेर बदल करने की कोशिश की गई थी, हस्ताक्षर भी भिन्न थे । जिस आधार को गंभीर गड़बड़ मानते हुए न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया। न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि वर्तमान में शासकीय भूमि को अशासकीय करने के संबंद्ध में शासन की लापरवाही का फायदा लोग उठा रहे हैं । इस पर तत्काल रोक लगाई जाना चाहिए।

17 साल पहले दर्ज हुआ था नाम

वाद दायर होने पर इस बात का उल्लेख किया गया था कि वादी का नाम 2007 में ही उक्त दस्तावेजों में कृषक के रूप में दर्ज है। उक्त व्यक्ति खुद को किसान बताते हुए उस भूमि पर खेती का कार्य करने का दावा करता है। इस जब कोर्ट में मूल दस्तावेजों की जांग की गई तो सामने आया कि खाली जगह में बाद में उक्त व्यक्ति का नाम लिखा गया था जो नियमों के खिलाफ था। जिसे गलत मानते हुए न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया।

शासन की करोड़ों की बेशकीमती भूमि को लेकर मामला न्यायालय में था जिसमें शासकीय अधिवक्ता के माध्यम से सभी मूल दस्तावेज न्यायालय के समक्ष पेश किए है। न्यायालय ने भूमि को शासन की होना माना है । इस मामले में जिन्होंने गड़बड़ी कर भूमि कब्जाने का प्रयास किया है उन पर भी उचित कार्यवाही प्रस्तावित करेंगे ।

अशोक चौहान, एसडीएम मुरार

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले...