Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय होगा सिस्टम, दो दिन बाद खत्म होगा मानसून ब्रेक

 ग्वालियर। शहर का तापमान लगातार तीसरे दिन 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है। तेज धूप जहां चुभन का अहसास करा रही है, तो वहीं भीषण उमस व गर्मी लोगों को बेचैन कर रही है। हालांकि, एक राहत की खबर यह है कि बंगाल की खाड़ी में फिर से मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। अगले 24 घंटे में एक चक्रवाती घेरा सक्रिय होगा, जो 48 घंटों में कम दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके प्रभाव से पांच सितंबर से मौसम में बदलाव शुरू हो जाएगा और मानसून का ब्रेक समाप्त होगा। मौसम विभाग ने इस दौरान हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है।

उमस भरी गर्मी से परेशान लोग राहत की बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण वातावरण में मौजूद नमी कम हो गई है। इसके चलते मौसम शुष्क हो गया है और तापमान में इजाफा हो रहा है। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार की तरह ही शनिवार को भी अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। यह औसत से 4.0 डिग्री सेल्सियस अधिक है। न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह भी औसत से 2.6 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

आज से मौसम के बदलने की उम्‍मीद

मौसम विभाग के अनुसार तीन सितंबर को बंगाल की खाड़ी में चक्रवातीय घेरा विकसित होने के बाद 48 घंटे में कम दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इससे हवा का रुख दक्षिण-पूर्व होने की वजह से नमी आना शुरू हो जाएगी। कम दबाव के क्षेत्र के आगे बढ़ने से वर्षा का दौर शुरू होगा। कम दबाव के क्षेत्र के आगे बढ़ने पर मानसून ट्रफ लाइन के पूर्वी व पश्चिमी हिस्से सामान्य स्थिति में आ जाएंगे। यह कम दबाव का क्षेत्र कमजोर है। मध्य प्रदेश तक आने तक कमजोर पड़ सकता है। इस कारण हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। यह सिलसिला 12 सितंबर तक जारी रह सकता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.