Breaking News in Hindi

बीडीएस करने वाले डाक्टरों को नहीं करनी होगी अनिवार्य ग्रामीण सेवा सरकार ने बदले नियम

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के सरकारी और निजी डेंटल कालेजों से बीडीएस कोर्स करने वाले डाक्टरों को अब अनिवार्य ग्रामीण सेवा नहीं करनी होगी। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों से यह नियम लागू होगा।

सरकार ने एक वर्ष की ग्रामीण सेवा अनिवार्य की थी।

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में डाक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार ने इनके लिए भी एक वर्ष की ग्रामीण सेवा अनिवार्य की थी। अब एमबीबीएस सीटें बढ़ने और निजी कालेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई कर निकले डाक्टरों के लिए एक वर्ष के अनिवार्य ग्रामीण सेवा का नियम लागू होने के बाद बंधपत्र के अंतर्गत पर्याप्त चिकित्सक मिल रहे हैं, इस कारण बीडीएस कोर्स यानि दंत चिकित्सकों के लिए यह बाध्यता हटा दी गई है।

एमडी-एमएस के लिए हुए सीट आवंटन में शीर्ष 10 में सात सेवारत उम्मीदवार, पहली पसंद एमजीएम इंदौर

विशेषज्ञता की बात करें तो चार ने रेडियोडायग्नोसिस, पांच ने जनरल मेडिसिन और एक ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विषय लिया है। इंदौर का एमजीएम मेडिकल कालेज एमबीबीएस और एमडी-एमएस दोनों के लिए विद्यार्थियों की पहली पसंद रहा है। इंदौर में बड़े और ज्यादा निजी अस्पताल होने की वजह से यहां नौकरी के अच्छे अवसर हैं। दूसरी पसंद भोपाल का गांधी मेडिकल कालेज रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले...