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भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सोमवार के दिन करें चन्द्रशेखर अष्टक स्तोत्र का पाठ

क्षिप्रदग्धपुरत्रयं त्रिदिवालयैरभिवन्दितं

चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥॥

पञ्चपादपपुष्पगन्धपदांबुजद्वयशोभितं

भाललोचनजातपावकदग्धमन्मथविग्रहम ।

भस्मदिग्धकलेबरं भव नाशनं भवमव्ययं

चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥॥

मत्तवारणमुख्यचर्मकॄतोत्तरीयमनोहरं

पङ्कजासनपद्मलोचनपूजितांघ्रिसरोरुहम ।

देवसिन्धुतरङ्गसीकर सिक्तशुभ्रजटाधरं

चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥॥

यक्षराजसखं भगाक्षहरं भुजङ्गविभूषणं

शैलराजसुतापरिष्कृतचारुवामकलेबरम ।

क्ष्वेडनीलगलं परश्वधधारिणं मृगधारिणं

चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥॥

कुण्डलीकृतकुण्डलेश्वर कुण्डलं वृषवाहनं

नारदादिमुनीश्वरस्तुतवैभवं भुवनेश्वरम ।

अन्धकान्तकमाश्रितामरपादपं शमनान्तकं

चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥॥

भेषजं भवरोगिणामखिलापदामपहारिणं

दक्षयज्ञविनाशनं त्रिगुणात्मकं त्रिविलोचनम ।

भुक्तिमुक्तिफलप्रदं सकलाघसंघनिबर्हणं

चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥॥

भक्तवत्सलमर्चितं निधिक्षयं हरिदंबरं

सर्वभूतपतिं परात्परमप्रमेयमनुत्तमम ।

सोमवारिदभूहुताशनसोमपानिलखाकृतिं

चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥॥

विश्वसृष्टिविधायिनं पुनरेव पालनतत्परं

संहरन्तमपि प्रपञ्चमशेषलोकनिवासिनम ।

कीडयन्तमहर्निशं गणनाथयूथसमन्वितं

चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥॥

मृत्युभीतमृकण्डुसूनुकृतस्तवं शिवसन्निधौ

यत्र कुत्र च यः पठेन्न हि तस्य मृत्युभयं भवेत ।

पूर्णमायुररोगतामखिलार्थसंपदमादरात

चन्द्रशेखर एव तस्य ददाति मुक्तिमयत्नतः ॥॥

॥ इति श्रीचन्द्रशेखराष्टकस्तोत्रं संपूर्णम ॥

शिव नमस्कार मंत्र

”शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च

ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिमहिर्बम्हणोधपतिर्बम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम”

शिव नामावली मंत्र

”श्री शिवाय नम:

श्री शंकराय नम:

श्री महेश्वराय नम:

श्री सांबसदाशिवाय नम:

श्री रुद्राय नमः:

ॐ पार्वतीपतये नमः:

ओम नमो नीलकण्ठाय नमः:”

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

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