Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

भारत से व्यापार घटने पर टेंशन में चीन अब कर रहा संबंध सुधारने की गुजारिश

जकार्ता। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का सीधा असर दोनों देशों के आपसी व्यापार पर पड़ा है। चीन के लिए यह अच्छी स्थिति नहीं है और यही कारण है कि पड़ोसी देश गहरी चिंता में आ गया है। ताजा खबर यह है कि इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आसियान बैठकों के दौरान चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी ने भारत के साथ संबंध सुधारने पर जोर दिया है।

भारत की ओर से इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हिस्सा लिया है। जयशंकर के साथ वार्ता में वांग यी ने कहा है कि दोनों देशों के बीच संदेह के बजाय, आपसी समर्थन की जरूरत है।

बैठक के बाद जयशंकर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है।

गलवान झड़प के बाद बढ़ा तनाव

चीन सीमा पर खुराफात करता रहता है। साल 2020 में उसके सैनिक गलवान में भारतीय सीमा में घुस आए थे। भारतीय सैनिकों ने उन्हें खदेड़ कर भगा दिया था। झड़प में दोनों देशों के सैनिक शहीद हुए थे। इसके बाद से संबंधों में तनाव है। भारत ने चीन के साथ अपना व्यापार भी कम कर लिया है। यही बात अब पड़ोसी को खल रही है।

बता दें, 1990 के दशक में दोनों देशों के बीच कई सीमा समझौते हुए थे। इसका असर आपसी व्यापार पर भी पड़ा था। तब से ही चीन, भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। भारत का रुख इस मामले में बहुत साफ है। जब तक सीमा पर शांति नहीं रहेगी, तब तक व्यापार नहीं बढ़ सकता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.