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भैंसों की चाकरी कर रहे आरक्षक, पुलिस थाना परिसर बना भैंस तबेला, जानें क्या है पूरा मामला

खंडवा। एक समय में उत्तरप्रदेश के बाहुबली नेता आजम खान की खोई हुई भैंसे देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई थी। जब उत्तर प्रदेश की पुलिस बाहुबली नेता की वीआईपी भैंसों को ढूंढने के लिए निकली थी। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के खंडवा से सामने आया है। लेकिन यहां पुलिस भैंसों को ढूंढने नहीं निकली है, बल्कि चेकिंग के दौरान पकड़ी गई भैंसों की तीमारदारी करते हुए नजर आ रही है। दरअसल, जिला मुख्यालय खंडवा से 20 किलोमीटर दूर स्थित जावर थाने में जुगाली करती ये भैंसे एक ट्रक से पकड़ी गई थी। इसके बाद से पुलिस के जवान इन भैंसों के चारे-पानी की व्यवस्था में जुटे हुए हैं।

आमतौर पर जब कभी गाय पकड़ाती है, तो उन्हें पुलिस गौशालाओं में भिजवा देती है। चूंकि मामला महंगी भैंसों से जुड़ा हुआ है और इन भैंसों की कीमत 8.5 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। तो इस कारण इन 17 भैंसों को पुलिस अपनी देखरेख में रख रही है। पुलिस के जवान इन्हे पानी पिलाते है, चारा खिलाते है और इतना ही नहीं जब ये चारा–पानी लेने में नखरे दिखाती है तो इन्हें सहलाकर मनाते भी हैं।

जावर थाना प्रभारी जेपी वर्मा ने बताया कि, कुछ दिन पूर्व पुलिस चेकिंग के दौरान इन भैंसों को पकड़ा गया था। न्यायालय का जब आदेश होगा इन भैंसों को मालिक के सुपुर्द कर दिया जाएगा। जब तक इन भैंसों की देखरेख जावर थाना परिसर में की जा रही है। इनकी देख रेख में लगभग पांच हजार रुपए रोज का खर्चा आ रहा है। पुलिस स्टाफ इन भैंसों की अपने पशुओं के जैसी देखरेख कर रहा है। सभी पशुओं को समय पर खाना-पानी मिले इसका ध्यान रखा जा रहा है।

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