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भोपाल में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बेची गई थी नेशनल हेराल्ड की जमीन, मामला कोर्ट में लंबित

भोपाल। नेशनल हेराल्ड अखबार के प्रकाशन के लिए भोपाल के महाराणा प्रताप नगर में 1981 में एक एकड़ भूमि तीस वर्ष की लीज पर दी गई थी लेकिन नियमों का उल्लंघन हुआ। भूमि का व्यावसायिक उपयोग हुआ और इसे बेचा गया। लीज की शर्तों का उल्लंघन होने पर भोपाल विकास प्राधिकरण ने लीज का नवीनीकरण न करते हुए इसे निरस्त करने की कार्यवाही भी की थी, लेकिन यह मामला न्यायालय चला गया और अभी लंबित है।

न्यायालय में मामला लंबित

वर्ष 2011 में लीज के नवीनीकरण के लिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड ने भोपाल विकास प्राधिकरण को आवेदन किया था, लेकिन जांच में सामने आया कि भूमि आवंटन की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। वर्ष 2007 से 2009 के बीच भूमि बेची गई थी। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने लीज को निरस्त करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी थी, जिसके विरोध में नेशनल हेराल्ड का प्रबंधन न्यायालय पहुंच गया। इसके साथ ही दुकानदारों ने भी याचिका दायर कर दी थी। तब से यह मामला लंबित है।

दो वर्ष पूर्व नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने न्यायालय में लंबित मामले की पड़ताल कराई तो सामने आया कि भूमि जब्त करने को लेकर कोई रोक नहीं है लेकिन इस पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस भूमि पर अभी माल और दुकानें संचालित हैं। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप केरकेट्टा का कहना है कि मामला अभी न्यायालय में है, इसलिए कुछ नहीं कह सकता हूं।

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