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भोपाल में है अनूठा हेयर स्टूडियो जहां संवारी जाती हैं साधु-संतों की लटें

भोपाल। आपने साधु-संत के लंबी-लंबी लटें (बाल) तो देखी होंगी। सोचने पर यही लगता है कि इतने लंबे बाल आखिर वो संभालते कैसे होंगे। लंबे बाल रखना तो आसान होता है, लेकिन इन्हें संवारना उतना ही मुश्किल। लेकिन शहर में एक ऐसा स्टूडियो है, जहां साधु-संत की जटाओं को संवारा जाता है, वो भी निश्शुल्क। यहां देशभर के साधु-संत नाम और पता पूछकर आते हैं। यह स्टूडियो है शहर की करिश्मा शर्मा का। यह प्रदेश का एकमात्र ऐसा स्टूडियो है, जहां साधु-संत के लंबे बालों को निश्शुल्क संवारा जाता है। उन्होंने यह स्टूडियो इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद खोला है।

शहर के युवाओं में बढ़ा चलन

करिश्मा ने बताया कि ड्रेडलाक हेयर स्टाइल का क्रेज लंबे समय से चला आ रहा है, जिसे ऋषि-मुनि रखा करते थे। लेकिन अब ये शौक शहर के युवाओं में सिर चढ़कर बोल रहा है। वे ड्रेसअप के साथ अब हेयरस्टाइल पर भी ध्यान दे रहे हैं। खासकर मैं साधु-सतों के लंबे बालों को निश्शुल्क संवारती हूं। मेरे पास अन्य राज्यों से भी साधु-संत अपने बालों की देखभाल के लिए आते हैं। इस क्षेत्र में आने की प्रेरणा मुझे छह साल पहले मिली थी। तब मैंने इंजीनियरिंग के बाद ड्रेडलाक स्टूडियो खोला था। जिसे अच्छा रिस्पान्स मिलने लगा।

खर्चीला काम है लटें बनाना

करिश्मा के अनुसार ड्रेडलाक हेयर को संवारना मुश्किल काम होता है। साथ ही खर्चा भी ज्यादा होता है। इसकी एक लट को बनाने में 200 से दो हजार का खर्चा आता है। अगर पूरे बालों को ड्रेड लुक दिया जा रहा है तो खर्चा 40 से 60 हजार के पार तक पहुंच जाता है। करिश्मा के पास महीने में 10 लोग ड्रेड स्टाइल कराने आते हैं।

तीन दिन का लगता है समय

करिश्मा शर्मा बताती हैं कि ड्रेड हेयर स्टाइल बनाना बारीकी का काम है। जिसे बनाने में 2 से 3 दिन का समय लगता हैं। साथ ही इसको व्यवस्थित करना भी किसी टास्क से कम नहीं होता है। यह हेयर स्टाइल परमानेंट नहीं है। इसमें बालों की कई ब्रेड्स बनाई जाती है, जिसे आप कई दिनों तक कैरी कर सकते हैं। अगर कोई शौक पूरा करने के लिए हेयर स्टाइल बनाना चाहता है, तो उसके लि रबर बैंड हेयरस्टाइल सबसे अच्छा आप्शन है। इसमें कलरफुल बीड्स के साथ हेयर स्टाइल बनाया जाता है। जब आपका शौक पूरा हो जाए तब आप फिर से बालों को नार्मल कर सकते हैं।

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