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मंदसौर गोलीकांड में रिजाइंडर पर जवाब के लिए शासन ने लिया समय, सुनवाई चार सप्ताह बाद

इंदौर। मंदसौर गोलीकांड को छह वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज भी यह स्पष्ट नहीं है कि जिस गोलीकांड में पांच किसानों की जान चली गई थी, वह किसकी लापरवाही से हुआ था। मामले में हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष चल रही जनहित याचिका में मंगलवार को शासन को याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत रिजाइंडर पर जवाब देना था, लेकिन सरकारी वकील ने इसके लिए समय ले लिया। अब सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। याचिकाकर्ता ने रिजाइंडर में कहा है कि जांच आयोग अधिनियम के प्रविधानों के तहत शासन जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए बाध्य है।

यह है मामला

किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर 6 जून 2017 को पुलिस ने गोली चलाई थी। इसमें पांच किसानों की मृत्यु हो गई थी। मामले की जांच के लिए शासन ने हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जेके जैन की अध्यक्षता में ‘जैन आयोग’ गठित किया था। आयोग ने 13 जून 2018 को अपनी जांच रिपोर्ट शासन को दे दी थी। इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने एडवोकेट प्रत्युष मिश्रा के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।

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