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मध्य प्रदेश में सोयाबीन की बुवाई का आंकड़ा सरकार के अनुमान से कम

इंदौर। दि सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सोपा) ने देश में सोयाबीन की बुवाई के ताजा आंकड़े जारी कर दिए हैं। 8 अगस्त तक देश में कुल 122 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई होने का अनुमान सोपा ने जताया है।

मध्य प्रदेश और देश में बीते वर्ष से ज्यादा बुवाई की बात सोपा ने कही है। हालांकि सोपा की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा जो बुवाई के आंकड़े दिए हैं असल में उससे कम बुवाई सोपा ने मानी है।

सोपा की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 53.130 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोया गया है। जबकि सरकार का अनुमान 54.136 लाख हेक्टेयर का है। हालांकि सोपा ने माना है कि बीते वर्ष से ज्यादा सोयाबीन बुवाई हुई है। बीते वर्ष इस समय तक बुवाई का आंकड़ा सिर्फ 50 लाख हेक्टेयर से ज्यादा था। सोयाबीन बुवाई के मामले में मप्र सबसे आगे हैं।

देश में दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है। वहां 48.548 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है। वहां भी बीते साल के मुकाबले सुधार हुआ है। देश में कुल मिलाकर सोयाबीन का बुवाई आंकड़ा बेहतर ही हुआ है। बीते वर्ष के 114.503 (सोपा) या 120.828 लाख हेक्टेयर के सरकारी आंकड़े के मुकाबले इस साल सोपा ने 122.394 और सरकार ने 124.110 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई का सर्वेक्षण दिया है।

अब मौसम अनुकुल रहा तो इस लिहाज से इस वर्ष भी सोयाबीन का उत्पादन बेहतर रहने का अनुमान है। दरअसल आने वाला वर्ष आम चुनाव का होगा। ऐसे में खाद्य वस्तुओं की महंगाई पर नियंत्रण लगाने में सोयाबीन का अच्छा उत्पादन सरकार की मदद करेगा।

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