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महाकाल गर्भगृह में आगजनी से झुलसे सेवक की मौत, मुंबई में चल रहा था उपचार

उज्जैन। महाकाल मंदिर में धुलेंडी पर भस्मारती के दौरान लगी आग से झुलसे एक सेवक की मौत हो गई है। मंदिर समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार 80 वर्षीय सेवक सत्यनारायण सोनी 30 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उन्हें इलाज के लिए मुंबई ले जाया गया था, मगर डाक्टर उन्हें बचा नहीं पाए।

होली के पर्व पर महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान हुए भीषण हादसे में महाकाल भक्त श्री सत्यनारायण सोनी जी का उपचार के दौरान निधन, मेरी व्यक्तिगत क्षति है। शोकाकुल परिवार के साथ हम सबकी संवेदनाएं हैं।

बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें…

बता दें कि अग्निकांड केमिकल युक्त गुलाल उड़ाने के कारण हुआ था। मामले की प्रारंभिक जांच के बाद प्रशासक संदीप सोनी को हटा दिया गया था। इस मामले में अभी और भी कई लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं सुरक्षा एजेंसी सहित कई कर्मचारियों और तैनात अधिकारियों को नोटिस दिए गए हैं।

14 लोग झुलसे थे

इस अग्निकांड में कुल 14 लोग झुलसे थे। इनमें पुजारी, प्रतिनिधि और सेवक शामिल थे। इनमें सत्यनारायण सोनी भी थे।

आवाज लगाकर चढ़ावा मांगते, महिलाओं से सिर ढंकवाते

सोनी सालों से भस्मारती के दौरान सेवक के रूप में कार्य करते रहे। वे दर्शनार्थियों से चढ़ावा एकत्रित करने के लिए आवाज लगाते थे। साथ ही भगवान को भस्म अर्पित करने के दौरान महिलाओं से सिर ढंकने का आग्रह भी वे ही आवाज लगाकर करते थे।

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