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महाकाल मंदिर में श्रावण मास की तैयारियां शुरू, दर्शन व्यवस्था में होगा बदलाव, जानें कब-कब निकलेगी बाबा की सवारी

उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 22 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत होगी। इस बार श्रावण मास की शुरुआत सोमवार के दिन होने से पहले ही दिन भगवान महाकाल की सवारी निकलेगी। महापर्व शुरू होने में दो माह का समय शेष है, ऐसे में मंदिर समिति श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी, श्रावण महोत्सव व दर्शन व्यवस्था को लेकर प्लान तैयार कर रही है। 4 जून को चुनाव आचार संहिता समाप्त के बाद प्रबंध समिति की बैठक में विचार विमर्श के बाद इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।

श्रावण मास में महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में विशेष बदलाव होता है। भगवान महाकाल भक्तों के लिए सामान्य दिनों की अपेक्षा करीब डेढ़ घंटा पहले जागते हैं। सामान्य दिनों में मंदिर के पट तड़के 4 बजे खुलते हैं। श्रावण मास में प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलते हैं। शेष दिनों में मध्य रात्रि 3 बजे मंदिर के पट खोले जाते हैं। इसके बाद भगवान महाकाल की भस्म आरती शुरू होती है। श्रावण मास में देशभर से कावड़ यात्री भी भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। मंदिर समिति पूजन परंपरा के अनुसार दर्शन की व्यवस्था निर्धारित करती है। कावड़ यात्रियों के प्रवेश व निर्गम को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जाते हैं।

रोजाना तीन लाख से अधिक भक्तों के आने की संभावना

 

श्रावण मास में इस बार प्रतिदिन तीन लाख भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने मंदिर पहुंचेंगे। इसी के अनुसार दर्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। नवनिर्मित टनल के शेष हिस्से को नवश्रृंगारित करने का काम भी जारी है। इसके अलावा श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी व श्रावण महोत्सव के आयोजन को लेकर भी तैयारी की जा रही है।

कलाकारों के आवेदन आमंत्रित होंगे

 

महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा 21 जुलाई से 1 सितंबर तक प्रत्येक रविवार को श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार गीत,संगीत व नृत्य की प्रस्तुति देंगे। स्थानीय कलाकारों को भी मंच साझा करने का अवसर प्राप्त होगा। मंदिर समिति श्रावण महोत्सव में प्रस्तुति देने के लिए कलाकारों के आवेदन आमंत्रित करेगी। इसके लिए भी नियमावली तैयार की जा रही है।

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