Breaking News in Hindi

मैं कानून और संविधान का सेवक हूं, सुप्रीम कोर्ट में बोले चीफ जस्टिस चंद्रचूड़

 प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को कहा कि एक न्यायाधीश के रूप में वह कानून और संविधान के ‘सेवक’ हैं। जब प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ आज की कार्यवाही के लिए बैठी तो अधिवक्ता मैथ्यूज जे. नेदुम्पारा ने अदालत के समक्ष एक मामले का उल्लेख किया। वकील ने पीठ के समक्ष कॉलेजियम प्रणाली में सुधारों की जरूरत और वरिष्ठ अधिवक्ता पद समाप्त किये जाने की जरूरत का उल्लेख किया। पीठ में न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल रहे।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘आपको अपने दिल की बात सुनने की आजादी है। प्रधान न्यायाधीश के रूप में, बल्कि इससे भी अधिक महत्वपूर्ण, एक न्यायाधीश के रूप में मैं कानून और संविधान का सेवक हूं।” उन्होंने कहा, ‘‘मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, मुझे उसका पालन करना होगा। मैं यह नहीं कह सकता कि मुझे यह पसंद है और मैं यह करुंगा।” शीर्ष अदालत ने इस साल अक्टूबर में वरिष्ठ अधिवक्ता के पद को चुनौती देने वाली एक याचिका खारिज कर दी थी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन