Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

मैं डरी हुई हूं और निराश हूं…कोलकाता रेप मर्डर केस पर बोलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

कोलकाता रेप और मर्डर केस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कड़े शब्दों में नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के बाद ऐसा लगता है हमें सामूहिक तौर पर भूलने की बीमारी हो गई है. महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर राष्ट्रपति ने कहा कि बस बहुत हो चुका. द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वह घटना बहुत ही दर्दनाक और खौफनाक थी. पीटीआई से बात करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि कोलकाता में डॉक्टर के साथ बलात्कार और बर्बर हत्याकांड हताशा से उपजा हुआ है और यह बहुत ही भयभीत करने वाला है. मैं निराश और डरी हुई हूं.

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि कोई भी सभ्य समाज बेटियों-बहनों पर ऐसे अत्याचार की इजाजत नहीं दे सकता. उन्होंने यह भी टिप्पणी की- जब छात्र, डॉक्टर और नागरिक कोलकाता में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब भी अपराधी किसी जगह में छिपे हुए थे. प्रेसिडेंट की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल की सरकार के शासन पर कड़ा प्रहार है.

समाज को खुद से पूछने का समय आ गया

समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अब समाज को ईमानदार और निष्पक्ष आत्मनिरीक्षण की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अब समाज को खुद से कुछ कठिन सवाल पूछने का समय आ गया है.

अफसोस,निर्भया कांड के बाद भी कुछ नहीं बदला

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस दौरान निर्भया कांड का भी जिक्र किया और अफसोस जताया कि 12 सालों के बाद समाज में अनगिनत बलात्कारों की घटनाएं देखने को मिल रही हैं. यह बहुत ही चौंकाने वाला है. उन्होंने कहा कि निंदनीय मानसिकता वाले ऐसे अपराधी अक्सर महिलाओं कमतर इंसान, कम शक्तिशाली, कम सक्षम और कम बुद्धिमान के रूप में देखती हैं. यह महिलाओं का अपमान है. ऐसा लगता है समाज उस अपराध को भूल चुका है. यह सामूहिक भूलने की बीमारी बहुत ही निंदनीय है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.