Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

मौत से बदतर जिंदगी…अंतिम संस्कार के लिए करनी पड़ती है नदी पार…MP से सामने आई बेबसी की तस्वीर

दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह से दिल को दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां 72 वर्षीय महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों और रिश्तेदारों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ी। ऐसे में बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहा।

इन तस्वीरों में जहां एक तरफ परिजन बेबस और लाचार नजर आ रहे हैं तो वहीं सरकार की व्यवस्थाओं की पोल भी खुल रही है कि गांव में एक श्मशानघाट न होने के चलते या नदी पर पुल न होने के चलते लोगों की जिंदगी कैसे दाव पर लग रही है।

मामला दमोह तहसील बटियागढ़ ग्राम मगरोंन का है। जहां जरारुधाम गौ अभ्यारण के पास निवास करने वाले खंजुआ अहिरवार 72 वर्षीय की बीमारी के चलते मौत हो गई। जिनका अंतिम संस्कार करने के लिए परिजनों और ग्राम वासियों को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए बड़ी ही परेशानी का सामना करना पड़ता है।

दरअसल मागरोंन के पास जरारु नदी उफान पर होने से रास्ता बन्द हो गया। ऐसे में ग्रामवासियों को शव यात्रा बीच नदी में से लेकर निकलना पड़ा जो बड़ा रिस्की रहा। गौरतलब है कि ये वही गांव है जहां सरकार के जनप्रतिनिधियों द्वारा जरारुधाम गौ अभ्यारण्य बनाया गया और जिसका प्रचार प्रसार भी जमकर हुआ।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.