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रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने में देरी पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लगाई फटकार

भोपाल। मध्य प्रदेश में दो राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व बनाने की सहमति बन गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिलों के वन क्षेत्र में लंबे समय से लंबित इन प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि माधव राष्ट्रीय उद्यान को मंजूरी देकर चार गुना बढ़ाया जाएगा। बैठक में 1200 स्क्वेयर किलोमीटर क्षेत्र मंजूरी दे दी गई है। कोर और बफर मिलाकर यह क्षेत्र 1651.388 स्क्वेयर किलोमीटर हो जाएगा। माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व बनाने से पहले उसका क्षेत्र चार गुना बढ़ाया जाएगा। माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व बनाने के लिए 13 गांवों ने सहमति दे दी है।

नोटिफिकेशन न होने से नाराज

मुख्यमंत्री ने एसीएस वन अशोक वर्णबाल और वन्य प्राणी अभिरक्षक वीएन अंबाडे को फटकार लगाई है कि 11 जून को मंजूरी देने के बाद भी रातापानी को टाइगर रिजर्व बनाने का नोटिफिकेशन क्यों नहीं निकाला गया। चार माह बाद भी इस और परिणाम मूलक निर्णय नहीं लिया गया है। इसके अलावा अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया है।

प्राथमिकता से पूर्ण करें कार्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रातापानी अभयारण्य के संबंध में विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि वन्य क्षेत्रों में पुरातात्विक महत्व के स्मारकों एवं संपदा को सुरक्षित एवं संरक्षित किया जाए। पुरातत्व विभाग वन क्षेत्र में फैली हुई पुरासंपदा को वन विभाग की सहायता से संरक्षित करे।

राजस्व देने वाले कामों पर फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पूरा फोकस राजस्व देने वाली शाखाओं पर रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि माधव और रातापानी टाइगर रिजर्व बनते हैं तो इससे मध्य प्रदेश में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और पर्यवरण भी सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री ने अन्य प्रस्तावों पर भी शीघ्र निर्णय लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए।

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