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राष्ट्रपति के बाद अब प्रधानमंत्री के कार्ड पर लिखा गया ‘Prime Minister of Bharat’, आज करेंगे इंडोनेशिया का दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इंडोनेशिया रवाना होंगे। इससे पहले पीएम मोदी की यात्रा से जुड़ा कार्ड सामने आया है। जिसमें ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिखा है। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री जब दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस के दौरे के दौरान भी ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिखा गया था। वहीं, G20 के लिए अधिकारियों के कार्ड बदले गए हैं। अब अधिकारियों के कार्ड पर भारत ऑफिशियल लिखा होगा।

बताते चलें कि 8 सितंबर से लेकर 10 सितंबर तक राजधानी दिल्ली में G20 समिट का आयोजन होने जा रहा है। इसको लेकर सभी तैयारियों पूरी कर ली गई हैं। G20 के मेहमानों का आना शुरू हो गया है। G20 का आयोजन प्रगति मैदान के भारत मंडपम् में किया जाएगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आसियान-भारत की 20 समिट में हिस्सा लेने इंडोनेशिया का दौरा करेंगे।

भारत नाम पर ‘विवाद’
वहीं, भारत नाम तब चर्चा में आ गया, जब G20 से संबंधित रात्रिभोज के निमंत्रण पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘प्रेसीडेंट ऑफ भारत (भारत के राष्ट्रपति)’ के तौर पर संबोधित किए जाने को लेकर मंगलवार को बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार देश के दोनों नामों ‘इंडिया’ और ‘भारत’ में से ‘इंडिया’ को बदलना चाहती है। सूत्रों ने G20 से संबंधित कुछ दस्तावेजों में देश के नाम के रूप में भारत का इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह सोच-समझकर लिया गया निर्णय है।

G20 प्रतिनिधियों के लिए तैयार की गई एक पुस्तिका में कहा गया है, ‘‘भारत देश का आधिकारिक नाम है। इसका उल्लेख संविधान और 1946-48 की चर्चाओं में भी किया गया है।” ‘भारत द मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ शीर्षक वाली पुस्तिका में यह भी कहा गया है, ‘‘भारत, जो इंडिया है, उसमें शासन में लोगों की सहमति लेना प्राचीन समय से जीवन का हिस्सा रहा है।” केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान और गिरिराज सिंह ने विश्व नेताओं के G20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल ‘भारत मंडपम’ में शनिवार के लिए राष्ट्रपति की ओर से आयोजित G20 रात्रिभोज का निमंत्रण पत्र ‘एक्स’ पर साझा किए।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और केंद्र सरकार के मंत्रियों ने राष्ट्रपति भवन की ओर से उठाए गए इस कदम की सराहना की है। इस कदम से इन अटकलों को बल मिल गया कि संसद के विशेष सत्र में देश का नाम बदलने का विषय आ सकता है। इस निमंत्रण को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया है। विपक्ष ने इस निमंत्रण में ‘प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसीडेंट ऑफ भारत’ लिखे जाने को लेकर आपत्ति जताई और दावा किया कि सरकार विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ से डर गई है और इस कारण देश का नाम बदलने में जुट गई है।

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