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रूस की तरह अमेरिका में भी हो सकता है आतंकी हमला… इस दिन किया जा सकता है अटैक

रूस की राजधानी मॉस्को में पिछले महीने यानी मार्च में हुए आतंकी हमले के बाद अब अगले आतंकी हमले का खतरा अमेरिका पर मंडरा रहा है. अमेरिका की खुफिया बुलेटिन ने हाल ही में इसकी चेतावनी दी है. अमेरिका के कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने इस हमले की चिंता व्यक्त की है.

22 मार्च को मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में आतंकवादी हमला किया गया, जिसमें बच्चों समेत करीब 144 लोगों की मौत हो गई थी और 550 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. अमेरिका की खुफिया बुलेटिन ने हाल ही में चेतावनी दी कि अमेरिका में रह रहे आईएसआईएस के कट्टरपंथी सदस्य मॉस्को की तरह ही अमेरिका पर हमला कर सकते हैं. अमेरिकी एजेंसी एफबीआई और होमलैंड सिक्योरिटी ने खुफिया इनपुट ने इस बात की चेतावनी दी है, जिसमें कहा गया कि यह हमला 8 अप्रैल को हो सकता है, क्योंकि उस दिन सूर्यग्रहण है और इस दौरान लोग इकट्ठा होंगे, जिन्हें टारगेट किया जा सकता है.

आतंकवादी समूह ने दिया था बयान

अमेरिका ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया भर में आईएसआईएस के सदस्य, आतंकवादी समूह के दिए गए बयानों के मद्देनजर हमला कर सकते हैं. आतंकवादी समूह ने मॉस्को में हुए हमले की बात करते हुए अन्य भीड़ भाड़ वाली जगहों पर हमले को बढ़ावा देने की बात कही थी इसके साथ ही उसने कहा कि जरूरी नहीं है की हमला करने वाला व्यक्ति आईएसआईएस का सदस्य हो.

नौ संदिग्धों को किया गया था गिरफ्तार

पिछले महीने मॉस्को में हुए हमले में रूसी अधिकारियों के मुताबिक, हमले के बाद नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान ताजिकिस्तान के नागरिकों के तौर पर की गई थी. इन सभी को कॉन्सर्ट हॉल में हुए हमले के बाद गिरफ्तार किया गया. कॉन्सर्ट हॉल में बंदूकधारियों ने ऑटोमैटिक हथियारों से कॉन्सर्ट में आए लोगों पर गोलीबारी की और फिर हॉल में आग लगा दी, जिसके बाद पूरे कॉम्प्लेक्स में तेजी से आग फैल गई.

अमेरिका ने हमले के बाद बताया कि उसने रूस को इस हमले की चेतावनी दी थी. अमेरिकी एबेंसी ने 7 मार्च को ही एक चेतावनी जारी की थी, जिसमें रूस में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को भीड़ भाड़ वाली जगहों या किसी तरह के प्रोग्राम में जाने से बचने को कहा गया था, हालांकि उन्हें इसकी वजह नहीं बताई गई थी. विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने अपनी लंबे समय से चली आ रही “ड्यूटी टू वार्न” पॉलिसी के तहत रूसी अधिकारियों के साथ संभावित हमले की जानकारी साझा की थी. इस हमले के बाद से ISIS ने एक स्टेटमेंट जारी किया, जिसमें उसने दावा किया कि उनके फाइटरों ने मॉस्को में ईसाइयों की एक बड़ी सभा पर हमला किया है.

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