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वैश्विक नेताओं की पत्नियों के लिए परोसे गए मोटे अनाज के व्यंजन

जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले विभिन्न देशों के नेताओं की पत्नियों और प्रथम महिलाओं के लिए शनिवार को जयपुर हाऊस में दोपहर के विशेष भोजन की व्यवस्था की गई। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भोजन के बाद उन्हें राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एन.जी.एम.ए.) में कलाकृतियों की एक प्रदर्शनी का दौरा कराया गया।

एक सूत्र ने कहा कि समूह को मोटे अनाज आधारित व्यंजन परोसे गए और उन्होंने कुछ ‘स्ट्रीट फूड’ का भी आनंद उठाया। सूत्र ने कहा, ‘‘तुर्किये, जापान, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया और मॉरीशस के राष्ट्राध्यक्षों की पत्नियों सहित अन्य ने एन.जी.एम.ए. में प्रदर्शनी का दौरा किया।’’  इससे पहले, कुछ विश्व नेताओं की पत्नियों और प्रथम महिलाओं ने मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा) की खेती के बारे में जानने के लिए पूसा परिसर का दौरा किया। सूत्र ने कहा कि उन्होंने (नेताओं की पत्नियों) मोटे अनाज के बारे में और अधिक जानने में दिलचस्पी दिखाई।

आदिवासी किसान लहरी बाई से भेंट
एक घंटे की यात्रा के दौरान प्रतिनिधियों ने मध्य प्रदेश की महिला आदिवासी किसान लहरी बाई से भी मुलाकात की, जिन्होंने अपने खेत में मोटे अनाज के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लहरी बाई दूरदराज के गांवों की उन 20 महिला किसानों में से हैं, जिन्होंने आई.ए.आर.आई. में जी-20 नेताओं की पत्नियों के साथ मोटे अनाज की खेती के बारे में अपने अनुभव और ज्ञान सांझा किया।

मोटे अनाज उत्पादक 11 राज्यों की महिला किसान आमंत्रित हुईं
मोटे अनाज के उत्पादक 11 राज्यों-मध्य प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड और ओडिशा के दूर-दराज के गांवों से महिला किसानों को आमंत्रित किया गया था।

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