Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में फिर गड़बड़ी आई सामने

भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग में वरिष्ठ पदों के प्रभार में फिर गड़बडी सामने आई है। वरिष्ठ पदों का प्रभार ऊपरी पद पर दिया जाता है। विभाग में प्रधानाध्यापक से ऊपरी पद व्याख्याता का प्रभार मिलता है, लेकिन अब इन्हें व्याख्याता का प्रभार न देकर सीधे हाईस्कूल प्राचार्य बनाया जा रहा है।

इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने डीपीआइ संचालक केके द्विवेदी ने निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि बीते 29 अगस्त से 755 प्रधानाध्यापक माध्यमिक विद्यालय को व्याख्याता का उच्च पद प्रभार दिया गया है। हाईस्कूल प्राचार्य के पद रिक्त होने से व्याख्याता संवर्ग में उच्च पद का प्रभार प्राप्त प्रधानाध्यापक माध्यमिक विद्यालय को हाईस्कूल प्राचार्य के उच्च पद का प्रभार दिया जाना है। डीपीआइ के निर्देश में पदस्थापना के लिए काउंसलिंग आयोजित किए जाने के निर्देश के अनुक्रम में काउंसलिंग के लिए पात्र शिक्षकों की सूची एवं जिलावार भेजी गई है।जिला अंतर्गत सूची में शामिल सभी शिक्षकों को इस काउंसलिंग के लिए शुक्रवार को कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। इसके अतिरिक्त रिक्त पदों की सूची भी भेजी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी सूची का परीक्षण कर यदि इसमें से कोई पद भरा हो या पूर्व काउंसलिंग में आवंटित हो तो उसे हटाकर ही संबंधितों से विकल्प प्राप्त करें।इस सूची काउंसलिंग में शामिल होने वाले सभी शिक्षकों को उपलब्ध कराएं, ताकि वह अपने पसंद के स्कूल का चयन कर सके, जो चयनित शिक्षक इस काउसलिंग के लिए अनुपस्थित रहते हैं तो उनको प्रधानाध्यापक उच्चतर माध्यमिक स्कूज से प्राचार्य हाईस्कूल के उच्च पद के प्रभार के लिए वंचित किया जाएगा। बाद में उनके किसी भी प्रकार के कोई दावे व आपत्ति मान्य नहीं की जाएगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.