Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

संबद्धता के इंतजार में अंचल के 400 से अधिक कॉलेज, जेयू अब तक नहीं कर सका संबद्धता के लेटर जारी

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध बीएड और सामान्य कोर्स वाले 400 से भी अधिक कॉलेज अब तक अपनी संबद्धता नवीनीकरण के लेटर के इंतजार में हैं । साल बीतने के बाद अब अगले सत्र की संबद्धता की तैयारी शुरू हो गई है लेकिन पिछले सत्र की संबद्धता का लेटर अभी तक किसी कॉलेज को नहीं मिला है। चिंता की बात है कि पहले जेयू ने संबद्धता ने निरीक्षण की प्रक्रिया में देरी की तो अब लेटर देने में पूरा साल निकाल दिया है। अब स्थिति ये है कि सत्र 2024–25 की संबद्धता प्रक्रिया शुरू होने वाली है। हालांकि जीवाजी विश्वविद्यालय को महाविद्यालय की सम्बद्धता दिये जाने के बाद ही लेटर जारी कर देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

दस्तावेज मांगे तो पत्र जारी होने में हुई देरी

इस मामले में जेयू प्रबंधन के अधिकारियों का कहना है कि महाविद्यालय को सम्बद्धता पत्र जारी होने में देरी का कारण कार्यपरिषद सदस्यों द्वारा कॉलेज संचालकों से उनके कॉलेज के शिक्षकों और प्राचार्य के दस्तावेज की मांग करना रहा । कॉलेज से दस्तावेज मांगे गए जो अभी तक जमा हो नहीं पाए है इसके चलते संबद्धता के लेटर जारी नही हो सके हैं ।

रिकॉर्ड भी डिजिटल होगा

जीवाजी विश्वविद्यालय में सम्बद्धता विभाग के रिकार्ड का डिजिटलाइजेशन होने को है। अब काम में पारदर्शिता रखने के लिए इस बदलाव को किया जा रहा है । प्रो.सिसोदिया का कहना है कि महाविद्यालय संचालक विश्वविद्यालय में निरीक्षण से पहले जो प्रोफार्मा हार्ड कॉपी के रूप में जमा करते हैं, वह ऑनलाइन हो जिससे हार्ड कॉपी की समस्या से छुटकारा मिल जाए । इसके अलावा जेयू से सम्बद्ध महाविद्यालयों की सूची भी एक्सल सीट पर तैयार करने की तैयारी है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.