Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

समझें शरीर में काला धागा बांधने का सही तरीका, होगा विशेष फायदा

इंदौर। कई लोगों को आपने देखा होगा कि हाथ-पैर व गले में काला धागा बांधते हैं। काला धांगा आपके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि काला धागा शनि देव से संबंधित है। ऐसे में इसको बांधने से नकारात्मक ऊर्जा पास नहीं आती है। इस लेख में समझते हैं कि काला धागा पहनने से क्या प्रभाव होता है।

काला धागा पहनने के फायदे

  • काला धागा पहनने से कुंडली में शनि दोष दूर होता है। आपके ऊपर पड़ने वाली नकारात्मक प्रभाव को यह दूर कर देता है, जिससे आने वाली समस्याओं दूर किया जा सके। आपकी आंखों में दिक्कत है तो काला धागे से परेशानी दूर हो सकती है।
  • आपको अगर पेट से जुड़ी समस्या है। आप लूज मोशन, कमजोर लीवर या कब्ज से पीड़ित हैं, तो पैर व कमर में काले धागे को बांध सकते हैं। ज्योतिष का मानना है कि ऐसा करने से आपकी बीमारी दूर हो सकती है।
  • आप काला धागा पहनेंगे तो आपसे नकारात्मक शक्तियां दूर रहेंगी। आप कई तरह की दुर्घटनाओं से बचे रह सकते हैं।

पहनने का तरीका

आप अगर काला धागा पहनकर उसका पूरा लाभ लेना चाहते हैं तो मंगलवार और शनिवार को ही इस धारण करना चाहिए। इसको पहनने से पहले शाम को पूजा करें। काले धागे में 9 गांठ लगाएं, फिर उसके बाद इसको पहन लें।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.