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समय पर सतर्क हो जाएं, जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं मूत्ररोग

इंदौर । यूरोलाजी में कई मेडिकल इमरजेंसी कंडीशन ऐसी हैं, जिनमें मरीज को असहनीय पीड़ा हो रही होती है और जिनके लिए तुरंत अस्पताल ले जाने की आवश्यकता होती है। यदि तुरंत ध्यान न दिया जाए तो यह जीवन के लिए खतरा हो सकता है। इनमें से एक बड़ा कारण यूरिन रिटेंशनन यानी पेशाब का रुक जाना है।

यह बात इंदौर यूरोलाजी सोसायटी द्वारा आयोजित वेस्ट जोन चैप्टर के 33वें वार्षिक सम्मेलन यूसीकान 2023 में यह बात डा. आरके लाहोटी ने कही। कांफ्रेंस का तीसरा और अंतिम दिन इमरजेंसी इन यूरोलाजी को समर्पित रहा। कांफ्रेंस के आर्गेनाइजिंग चेयरमैन डा. आरके लाहोटी ने बताया कि पथरी के कारण होने वाला दर्द, अंडकोष में सूजन, जननांग में गैंग्रीन, पेशाब के साथ खून निकलना, मूत्राशय में इंफेक्शन के कारण तेज बुखार, दुर्घटना में मूत्रमार्ग या किडनी पर लगी चोट जैसे कारण होने पर मरीज को तत्काल डायग्नोसिस और जरूरत पड़ने पर सर्जिकल सपोर्ट की आवश्यकता होती है।

कई प्रदेशों के 600 डाक्टर हुए शामिल

यूरोसर्जन डा. राजेश कुकरेजा ने बताया कि कांफ्रेंस में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात एवं गोवा के करीब 600 डाक्टरों ने भाग लिया। डा. नितेश पाटीदार एवं डा. सीएस थत्ते ने बताया कि कांफ्रेंस में तीन अलग-अलग हाल में यूरोलाजी के क्षेत्र की विभिन्न बीमारियों, कारणों, डायग्नोसिस, उपचार विधियों, आधुनिकतम तकनीकों, मशीनों, उपकरणों आदि के बारे में डाक्टरों ने अपने अनुभव साझा किए, रिसर्च पेपर्स पढ़े, ग्रुप डिस्कशन और केस स्टडीस पर चर्चा की। इसके साथ ही पोस्टर प्रेजेंटेशन के सत्र भी हुए।

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