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सर्द हवाओं से लुढ़कने लगा रात का पारा, फुहारें कर सकती हैं नए साल का स्वागत

भोपाल। राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात के बनने से अरब सागर से नमी आने का सिलसिला कम हो गया है। इस वजह से बादल छंटने लगे हैं और रात के तापमान में गिरावट होने लगी है। उधर, धूप निकलने से अब दिन के तापमान में बढ़ोतरी भी होने लगी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है, जबकि दिन के तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

वर्षा की संभावना

शनिवार को प्रदेश में सबसे कम सात डिग्री सेल्सियस तापमान नौगांव में दर्ज किया गया। प्रदेश के 12 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। उधर, अरब सागर में एक चक्रवात के बनने के संकेत मिले हैं। उसके प्रभाव से नववर्ष के पहले दिन से प्रदेश के कई शहरों में वर्षा होने की भी संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी प्रकाश ढवले ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उससे लगे उत्तर भारत के आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इस चक्रवात से एक द्रोणिका भी संबद्ध है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बन गया है। हवाओं में नमी कम होने के कारण बादल छंटने लगे हैं। इस वजह से रात के तापमान में गिरावट होने लगी है।

दिन के तापमान में बढ़ोतरी

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अरब सागर पर बने चक्रवात का असर अब मध्य प्रदेश पर नहीं है। इस वजह से आसमान साफ होने लगा है। धूप निकलने के कारण अब दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। हवाओं का रुख उत्तरी-पूर्वी एवं उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है। उत्तर भारत की तरफ से आ रही सर्द हवाओं से रात में सिहरन और बढ़ने की संभावना है।

मौसम का इस तरह का मिजाज अभी दो दिन तक बना रह सकता है। तीन-चार दिन बाद अरब सागर में एक नया चक्रवात बनने के संकेत मिले हैं। उसके प्रभाव से नमी आने के कारण एक जनवरी से राजधानी सहित प्रदेश के कई शहरों में वर्षा होने का सिलसिला भी शुरू हो सकता है।

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