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सोन प्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर सरका पहाड़, केदारघाटी में लैंड स्लाइड का Video

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा खत्म होने का तो नाम ही नहीं ले रही. एक हफ्ते के अंदर ही केदार घाटी में फिर लैंड स्लाइड की घटना हुई है. इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं. इन तस्वीरों में साफ देखा जा रहा है कि किस तरह से पहाड़ की चोटी से पत्थर और बोल्डर सरकते हुए नीचे आ रहे हैं. इस लैंड स्लाइड की वजह से गौरकुंड-सोन प्रयाग मार्ग भी ठप हो गया है. हालात को देखते हुए प्रशासन ने केदार घाटी की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आगाह किया है. अभी एक अगस्त को ही यहां लैंड स्लाइड हुआ था. बड़ी मुश्किल से यहां फंसे लोगों को प्रशासन ने रेस्क्यू किया था.

केदार घाटी भ्रमण करने और बाबा केदार नाथ के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के मुताबिक केदार घाटी में एक बार फिर से पहाड़ी दरक रही हैं. पहाड़ से बड़े-बड़े बोल्डर टूट कर नीचे की ओर सरक रहे हैं. दूर से पूरी पहाड़ी ही टूटती नजर आती है. कई लोगों ने केदारघाटी में इस तरह से हो रही लैंड स्लाइड की तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद किया है. यही तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं. वायरल हो रही तस्वीरें केदारनाथ मार्ग के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग और गौरीकुण्ड के बीच मुनकटिया के पास की हैं.

हर साल बारिश में होता है कटान

बता दें कि सोनप्रयाग में सेान गंगा और मंदाकिनी का संगम होता हैं. हर साल बारिश के दिनों में, खासतौर पर हिमालय पर भारी बारिश होती है तो ये दोनों नदिया उफान पर रहती हैं. इन नदियों में तेज धार की वजह से किनारे के इलाकों में कटाव भी होता है. जब ये नदिया नीचे की ओर कटाव करती है तो ऊपर से पहाड़ी दरकने लगती है और इस प्रकार लैंड स्लाइड की घटनाएं होती रहती हैं. इस कटान और लैंड स्लाइड की वजह से सोन प्रयाग-गौरकुंड मार्ग ध्वस्त हो गया हैं.

बंद हो गया केदारघाटी का पैदल मार्ग

ऐसे हालात में सोन प्रयाग से केदार घाटी को जोड़ने वाला यह पैदल रास्ता भी बंद हो गया है. हालात को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को खतरे से आगाह करते हुए इन रास्तों से नहीं जाने की अपील की है. बता दें कि एक अगस्त को ही केदार घाटी में बादल फटने और लैंड स्लाइड होने की घटना हुई थी. इसमें करीब साढ़े नौ हजार लोग फंस गए थे. ऐसे हालात में लोगों को रेस्क्यू करने के लिए सेना बुलानी पड़ी थी. वहीं बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था. इस हादसे में करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत भी हो गई थी.

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