Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

स्वच्छता के बाद जल संरक्षण में भी इंदौर अव्वल… राष्ट्रपति ने दिल्ली में चौथी बार किया सम्मानित

इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर को एक और राष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। फिफ्थ नेशनल वाटर अवॉर्ड में इंदौर जिला वेस्टर्न जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट कैटेगरी में प्रथम स्थान पर रहा है। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जिला कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन को यह पुरस्कार प्रदान किया।

गौरतलब है कि इंदौर को वर्ष 2018 व 2022 में पश्चिम जोन में प्रथम स्थान का पुरस्कार मिला था। वहीं वर्ष 2023 में बेस्ट नगरीय निकाय श्रेणी में इंदौर को दूसरा स्थान मिला था।

चौथा अवार्ड लेते ही पांचवें की तैयारी में जुटा इंदौर

  • चौथी बार वाटर अवार्ड लेने के साथ ही इंदौर ने पांचवीं बार भी पुरस्कार लेने की तैयारी कर ली। जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन के मुताबिक अब जिले की सभी नदियों, तालाब व कुओं की जीआईएस मैपिंग की जाएगी।
  • इसके माध्यम से जलाशयों की सतत निगरानी कर जल संरक्षण किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में भूजल पुनर्भरण की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अभी शहरी क्षेत्र में जहां एक लाख घरों में जल पुनर्भरण इकाइयां लगाई गईं, अगले एक वर्ष में दो से तीन लाख घरों में यह इकाइयां लगाई जाएंगी।
  • इसके अलावा जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। कान्ह व सरस्वती नदियों के कैचमेंट एरिया को बढ़ाने के साथ इन नदियों के पानी को किसी नए तालाब में ले जाकर सहेजने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

भोपाल: अमृत -2 मिशन अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन पर कार्यशाला

शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण विषय पर मंगलवार को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा अमृत परियोजना के अंतर्गत पर्यावरण परिसर स्थित (एप्को) भोपाल में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण पर विचार करना है। कार्यशाला में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला में 418 नगरीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.