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15 सेकंड क्या..आप 1 घंटा लीजिए, हम भी तो देखें’, बीजेपी नेता नवनीत राणा को ओवैसी का जवाब

AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी नेता नवनीत राणा के ’15 सेकंड’ वाले बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने गुरुवार को कहा, मैं कहता हूं कि आप 15 सेकंड क्या, 1 घंटा ले लीजिए…हम भी तो देखें आप में कितनी इंसानियत बाकी रह गई है. महाराष्ट्र के अमरावती से बीजेपी उम्मीदवार नवनीत राणा हैदराबाद में चुनाव प्रचार करने पहुंची थीं. वह बीजेपी प्रत्याशी माधवी लता के लिए वोट मांग रही थीं. इसी दौरान उन्होंने ओवैसी भाइयों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ 15 सेकंड लगेंगे. पुलिस को हटा दीजिए फिर आप दोनों भाइयों को पता नहीं चलेगा कहां से आए और कहां चले गए.

नवनीत राणा के इस बयान पर ओवैसी ने कहा, मैं पीएम मोदी को बोलता हूं आप दे दीजिए 15 सेकंड का समय. आप कैसा हाल करते हैं. आप 15 सेकंड क्या 1 घंटा ले लीजिए, हम भी तो देखें आपमें कितनी इंसानियत बाकी रह गई है.

नवनीत राणा का पूरा बयान जानिए

तेलंगाना की सभी 17 सीटों पर 13 मई को वोट डाले जाएंगे. हैदराबाद में भी इसी दिन वोटिंग है. नवनीत राणा बीजेपी उम्मीदवार माधवी लता के लिए प्रचार करने पहुंचीं थीं. इस दौरान उन्होंने एआईएमआईएम विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के विवादित बयान का जिक्र करते कहा, छोटा कहता है कि पुलिस को 15 मिनट के लिए हटा दो, तो हम दिखाएंगे क्या कर सकते हैं, छोटे को मेरा कहना है कि तुम्हें 15 मिनट लगेंगे, मगर हमको सिर्फ 15 सेकंड लगेंगे, 15 सेकंड के लिए पुलिस को हटाया तो छोटे (अकबरुद्दीन ओवैसी) और बड़े (असदुद्दीन ओवैसी) को पता नहीं चलेगा कहां से आए और कहां चले गए.

साल 2012 में अकबरुद्दीन ओवैसी ने भड़काऊ बयान दिया था. ओवैसी ने कहा था कि 15 मिनट पुलिस को हटा लो हम बता देंगे कि किसमें कितना दम है. हालांकि इस मामले में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है.

चुनाव आयोग से एक्शन की मांग

नवनीत राणा के बयान पर AIMIM ने चुनाव आयोग से एक्शन लेने की मांग की है. पार्टी के प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि बीजेपी के नेता इस तरह का बयान दे रहे हैं, जो चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन करता है.चुनाव आयोग को नवनीत राणा के इस बयान पर कार्रवाई करनी चाहिए.

वारिस पठान ने कहा कि अकबरुद्दीन ओवैसी ने 15 मिनट पुलिस हटा दो वाला बयान दिया था. बाद में उन्होंने खुद सरेंडर कर दिया था और जेल भी गए थे. बाद में उनकी जमानत हो गई. लेकिन दस साल उन्होंने कोर्ट में अपने बयान की लड़ाई लड़ी और बरी हो गए.

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