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पूजा के दौरान नारियल चढ़ाते समय इन बातों का रखें ध्यान, जानें जरूरी नियम

इंदौर। हिंदू धर्म में हर देवी-देवता की पूजा-अर्चना के अलग-अलग तरीके बताए गए हैं। इसी तरह देवी-देवताओं की पूजा के दौरान सही नारियल का चयन करना भी महत्वपूर्ण होता है। इस तरह पूजा पूर्ण मानी जाती है। मान्यता है कि घर में नारियल रखकर उसकी पूजा करने से देवी लक्ष्मी का वास होता है और उनकी कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि कौन सा नारियल किस देवी-देवता को चढ़ाना चाहिए।

विष्णु जी को अर्पित करें ऐसा नारियल

भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को हमेशा साबुत नारियल ही चढ़ाना चाहिए। इन्हें कभी भी तोड़कर नारियल न चढ़ाएं। नारियल के साथ फल और फूल भी चढ़ाएं। भगवान को गीला खोल वाला नारियल भी चढ़ाया जा सकता है। शिवालय में साबुत नारियल ही चढ़ाना चाहिए। इन सभी जगहों पर प्रसाद के रूप में नारियल चढ़ाया जाता है।

जटा वाला नारियल

मां काली, काल भैरव जी जैसे तामसिक देवी-देवताओं को जटा वाला नारियल चढ़ाना शुभ माना जाता है। जटा वाला नारियल हनुमान जी को भी अर्पित किया जा सकता है। ऐसा करने से देवी-देवता प्रसन्न होकर अपनी कृपा जातक पर बरसाते हैं।

मन्नत पूरी होने पर

हनुमान जी, काल भैरव और माता रानी के मंदिर में नारियल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि नारियल हमेशा फोड़कर ही चढ़ाएं। इस तरह यहां नारियल की बलि दी जाती है। किसी खास वजह से पूजा करने के बाद भी नारियल तोड़कर भगवान को अर्पित किया जाता है। मन्नत पूरी होने पर भगवान को साबुत नारियल चढ़ाना शुभ माना जाता है।

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