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अमेठी-रायबरेली से गांधी परिवार ने बनाई दूरी, राहुल, प्रियंका यहां से नहीं लड़ना चाहते चुनाव

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. सभी पार्टियां जोर शोर से चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई हैं. एक के बाद एक सीटों का ऐलान किया जा रहा है. आज यानी शनिवार को चुनाव आयोग तारीखों को ऐलान करने जा रहा है, जिसके बाद चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी. लेकिन उससे पहले गांधी परिवार को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि अमेठी और रायबरेली से गांधी परिवार ने दूरी बना ली है और परिवार का कोई भी सदस्य अपनी इन परंपरागत सीटों से आगामी चुनाव नहीं लड़ेगा. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दोनों ने ही अमेठी और रायबरेली से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है.

‘जीत के बाद एक सीट छोड़ना गलत’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का मानना है कि अगर उन्होंने अमेठी और वायनाड दो जगहों से चुनाव लड़ा और वो दोनों जगहों से चुनाव जीत गए तो बाद में उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ेगी जो कि गलत होगा और लोगों को गलत संदेश जाएगा. राहुल का मानना है कि अगर उन्होंने जीतने पर अमेठी छोड़ी तो अमेठी के लोग कहेंगे कि पिछली बार हारने के बाद इस बार जिताया तो भी हमको छोड़ दिया. वहीं वायनाड छोड़ने पर वहां की जनता कहेगी कि, जब परंपरागत सीट अमेठी से हार गए तो हमने संसद भेजा और वहां से जीत गए तो अब हमको ही छोड़ दिया.

प्रियंका का चुनाव लड़ने से इनकार

वहीं दूसरी तरफ प्रियंका गांधी ने लोकसभा चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया है. न ही रायबरेली से न ही किसी और जगह से. प्रियंका का मानना है कि अगर उनके परिवार के तीन सदस्य संसद में जाएंगे तो इससे जनता के बीच गलत संदेश जाएगा. साथ ही बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हैं उस पर मजबूत मुहर लग जाएगी और उनके आरोप सही साबित हो जाएंगे.

अमेठी-रायबरेली से राहुल, प्रियंका ने बनाई दूरी

इधर राहुल भी अपनी बहन प्रियंका की बात से पूरी तरह सहमत हैं. और दोनों ने ही अमेठी और रायबरेली से दूरी बना ली है और चुनाव न लड़ने का फैसला किया है. राहुल एक बार फिर से केरल के वायनाड से लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं. ऐसे में अब कांग्रेस के सामने एक बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है कि पार्टी अपनी इन दोनों परंपरागत सीट पर किसे उम्मीदवार बनाएं. जो जीत दर्ज कर सके.

गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से सोनिया गांधी ने जीत तदर्ज की थी और पार्टी की परंपरागत सीट को बचा लिया था. लेकिन अमेठी में कांग्रेस का किला ध्वस्त हो गया था. बीजेपी की स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को शिकस्त दी थी. और इस तरह से अमेठी कांग्रेस के हाथ से निकल गया था. हालांकि 2019 में राहुल ने केरल के वायनाड से जीत दर्ज की थी.

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