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आगासौद स्टेशन के निकट टूटी ‘चेक रेल’, गुजरने वाली थी मालगाड़ी, लोको पायलट की सतर्कता से टला हादसा

सागर/बीना। मालखेड़ी और झांसी रेल लाइन के बीच आगासौद स्टेशन के पास चेक रेल ( दो पटरियों के बीच बिछाई समानांतर पटरी) अज्ञात कारणों से टूट गई। मालखेड़ी की ओर मालगाड़ी लेकर आ रहे लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने टूटी हुई चेक रेल को देखा और तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए और समय रहते ट्रेन को रोक दिया। उन्होंने तुरंत नजदीकी रेल स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों को इसकी सूचना दी। आनन-फानन जबलपुर मंडल के कैरिज एंड वैगन विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे रेल कर्मचारियों ने चेक रेल को दुरुस्त किया, तब जाकर मालगाड़ी आगे रवाना हुई। लोको पायलट और सहायक लोको पायलट की सतर्कता ने मालगाड़ी को डिरेल होने से बचा लिया।

इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी ट्रेन

जानकारी के अनुसार लोको पायलट ललित नारायण तथा सहायक लोको पायलट कमल शाक्य मालगाड़ी को लेकर आगासौद से मालखेड़ी की ओर जा रहे थे। सुबह के समय उन्होंने इंजन की आगे पटरी पर नजर डाली तो दूर उन्हें चेक रेल टूटी हुई दिखी। दोनों ने आपस में चर्चा की और ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया। चेक रेल के टूटे होने की जानकारी लोको पायलट ने वॉकी टॉकी के माध्यम से नजदीकी रेलवे स्टेशन को दी। यह चेक रेल आगासौद और करोद रेलवे स्टेशन के बीच टूटी हुई थी। रेलवे स्टेशन से सी एंड डब्ल्यू विभाग को सूचना दी गई। क्योंकि यह क्षेत्र जबलपुर रेल मंडल अंतर्गत आता था इसलिए मालखेड़ी स्टेशन से सी एंड डब्ल्यू के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने चेक रेल को दुरुस्त किया। इसके बाद ट्रेन आगे को रवाना हुई। इस दौरान ट्रेन लगभग डेढ़ घंटे खड़ी रही।

क्या होती है चेक रेल

रेल पटरी के सपोर्ट में समानांतर एक रेल पटरी डली हुई होती है, जो ट्रेन के पहिए को सपोर्ट देकर रेल पटरी को बदलने में सहयोग करती है। चेक रेल, रेलगाड़ी के पहियों के ट्रैक से उतरने के जोखिम को कम करती है| इसे पाइंट, रेल क्रासिंग और कर्व ट्रैक, लेवल क्रासिंग, इम्प्रूवड स्विच एक्सपेंशन जाइंट पर लगाया जाता है|

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