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एक अप्रैल से देना था रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में प्रवेश का लिंक, तैयारी ही नहीं

 जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में प्रवेश की आनलाइन तैयारी पूरी नहीं होने के कारण प्रवेश प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पा रही है। एक अप्रैल से प्रशासन ने प्रवेश प्रारंभ करने की योजना बनाई थी लेकिन पाठ्यक्रमों का ब्योरा ही नहीं एकजाई होने की वजह से ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है। इधर कामन यूनिवर्सिटी इस्ट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) में आवेदन करने की तिथि पांच अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। पहले यूजीसी ने 31 मार्च तक आवेदन का मौका दिया था। बता दें कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने भी पहली दफा पांच विषयों में सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश देने का फैसला किया है।

स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश सीयूटी के जरिए

 

बता दे कि विश्वविद्यालय ने अभी चुनिंदा पांच पाठ्यक्रमों की 20 प्रतिशत सीट सीयूटी के जरिए भरने का निणर्य किया है इसके अलावा शेष 80 प्रतिशत सीट को आनलाइन परम्परागत तरीके से भरा जाएगा। प्रशासन का यह प्रयोग सफल हुआ तो अागामी सत्र से स्नातक के सभी पाठ्यकम के अलावा स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश सीयूटी के जरिए ही दिया जाएगा।

प्रवेश प्रभारी डा.शैलेष चौबे ने बताया कि नए सत्र में प्रवेश के लिए प्रशासन ने यूजीसी के सीयूटी प्रक्रिया का पालन करने का फैसला किया है। इसमें स्नातकोत्तर के विषयों में प्रवेश के लिए भी शामिल करना था लेकिन उसके आवेदन का समय निकल चुका है अब स्नातकोत्तर की जगह सिर्फ स्नातक पाठ्यक्रम के विषयों को शामिल किया जा रहा है। प्रो.चौबे ने कहा कि प्रशासन की तैयारी एक अप्रैल से आनलाइन प्रवेश प्रारंभ करने की थी लेकिन पाठ्यक्रम का ब्योरा पूरी तरह से नहीं एकत्र होने की वजह से यह प्रक्रिया नहीं प्रारंभ हो रही है इधर चुनाव कार्य में व्यस्तता की वजह से भी कार्य में बाधा हो रही है।

 

क्या है सीयूटी

 

कामन यूनिवर्सिटी इंट्रेंस टेस्ट के जरिए देशभर की यूनिवर्सिटी अपने यहां विद्यार्थियों को प्रवेश दिया करती है। यूजीसी के द्वारा ये टेस्ट लिया जाता है। जिसके आवेदन भरे जा रहे हैं। मई में प्रवेश परीक्षा होती है जिसमें मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को उनकी पसंद के विश्वविद्यालयों में प्रवेश मिलता है। इससे देशभर के विद्यार्थी विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले सकते हैं अभी सिर्फ आसपास के इलाकों के विद्यार्थी ही यहां प्रवेश लेते हैं जबकि कई कोर्स ऐसे है जिनमें देश के कई हिस्सों से विद्यार्थी आकर पढ़ना चाहते हैं लेकिन सुविधा और जानकारी के आभाव में ऐसा नहीं कर पाते हैं।

 

इन पाठ्यक्रमों केा किया शामिल-

 

बीपीईएस- 60 सीट

बीए प्लेन -120 सीट

बीएससी एग्रीकल्चर-120 सीट

बीए मास कम्प्युनिकेशन- 60 सीट

बीबीए प्लेन – 60 सीट

बीसीए -60 सीट

बी लिब- 120 सीट

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