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चंद्रयान से लेकर पीएम आवास, रामलला प्राण प्रतिष्ठा का बखान

 उज्जैन। चैत्र मास की सोमवती अमावस्या पर सोमवार को मोक्षदायिनी शिप्रा व सोमतीर्थ स्थित सोमकुंड में पर्व स्नान के लिए श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। देशभर से आए श्रद्धालु शिप्रा नदी में पर्व स्नान कर तीर्थ पर दान पुण्य तथा पितृ कर्म कर रहे हैं। ज्योतिर्लिंग महाकाल सहित शहर के अन्य मंदिरों में भी दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

शिप्रा व सोमकुंड में स्नान के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचने का सिलसिला रविवार शाम से शुरू हो गया था। दर्शनार्थी बस ट्रेन तथा अन्य लोक परिवहन के साधनों से उज्जैन पहुंच रहे हैं। सोमवार सुबह से स्नान का सिलसिला शुरू हुआ जो देर शाम तक चलता रहेगा।

कालियादेह महल के निकट बावन कुंड में पानी में सुरक्षा चक्र तैयार किया गया।

प्रशासन ने चैत्र मास में सोमवती के संजोग में आए भूतड़ी अमावस्या महापर्व पर स्नान के लिए शिप्रा और सोमकुंड पर व्यापक इंतजाम किए हैं। शिप्रा नदी में नर्मदा का शुद्ध जल प्रवाहित किया गया है। वहीं, सोमकुंड में शुद्ध जल की आपूर्ति कर इसके किनारो पर फव्वारे लगाए गए हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालु फव्वारों में स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। भूतड़ी अमावस्या पर प्रेत बाधा से निवृत्ति के लिए केडी पैलेस स्थित 52 कुंड में स्नान का महत्व है। बाधा से पीड़ित लोग बड़ी संख्या में यहां स्नान करने आएंगे।

सोमेश्वर महादेव के दर्शन का विधान

सोमवती अमावस्या पर सोमतीर्थ स्थित सोमकुंड में स्नान तथा इसके उपरांत श्री सोमेश्वर महादेव के दर्शन व पूजन का विधान है। मान्यता है इससे मनुष्य के जन्म पत्रिका में मौजूद चंद्रमा के दोष समाप्त होते हैं साथ ही अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है।

दुर्घटना से बचाव के लिए तैनात रहेंगे होमगार्ड व एसडीईआरएफ के जवान

कालियादेह महल स्थित बावन कुंड पर व मंगलवार को दीपोत्सव पर्व पर रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस दौरान जलजनित दुर्घटनाओं से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए होमगार्ड व एसडीईआरएफ के 140 अधिकारी/कर्मचारी व तैराक मय उपकरणों के तैनात हैं।

जिला सेनानी संतोष कुमार जाट ने पर्व से पूर्व ही अधिकारी/कर्मचारी एवं जवानों की बैठक लेकर पर्व को सुरक्षित बनाने हेतु दिशा-निर्देश दिए थे। घाटों पर लाइफबाय द्वारा बैरिकेडिंग की गई है, जिससे कोई श्रद्धालु गहरे पानी में ना जा सके एवं बाहर से आए श्रद्धालु सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान कर सकें।

रामघाट पर चार मोटरबोट मय आपदा प्रबंधन सामग्री के लगाई गई है। मोटरबोट के माध्यम से सतत पेट्रोलिंग कर पर्व को सुरक्षित बनाए जाने की पूर्ण तैयारियां की गई है। अन्य घाटों पर भी जवानों को लाइफबाय एवं लाइफ जैकेट व अन्य आपदा सामग्रियों के साथ तैनात किया गया है। दीपोत्सव पर पूरे रामघाट पर लाखों की संख्या में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।

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