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अमित शाह के फेक वीडियो मामले में ताबड़तोड़ एक्शन, जिग्नेश मेवाणी का पीए और एक AAP नेता गिरफ्तार

केंद्रीय गृहमंत्री व भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिग्गज नेता अमित शाह के फेक वीडियो को वायरल करने के मामले में ताबतोड़ कार्रवाई की जा रही है. गुजरात के पालनपुर के पास से सतीश वर्सोला नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. वह जिग्नेश मेवाणी का पीए है. वहीं, आरबी बारिया को लिमखेड़ा से गिरफ्तार किया गया. वह आम आदमी पार्टी के दाहोद जिला अध्यक्ष हैं. वीडियो को एक राजनीतिक ग्रुप में वायरल किया गया था.

वहीं, दिल्ली पुलिस ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी तलब किया है. कांग्रेस नेता को 1 मई को दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट (साइबर यूनिट) के सामने अपने मोबाइल फोन के साथ पेश होने के लिए कहा गया है. उनसे मामले की आगे की जांच के लिए फोन सहित अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा करने की अपील की गई है. असम पुलिस ने बताया कि उन्होंने मामले के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और 2 मोबाइल फोन के साथ एक लैपटॉप जब्त किया है. शख्स का नाम रीतॉम सिंह है.

बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने चुनाव प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए अमित शाह का एक फेक वीडियो वायरल किया है. बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया विभाग के प्रभारी अनिल बलूनी सहित बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि कांग्रेस एक फर्जी और छेड़छाड़ किए गए वीडियो के माध्यम से पूरी चुनाव प्रक्रिया को पटरी से उतारना चाहती है.

फेक वीडियो के लेकर असम की राजधानी गुवाहाटी में अमित शाह ने विपक्ष की हताशा और निराशा इस स्तर पर पहुंच गई है कि उन्होंने मेरा और कुछ बीजेपी नेताओं का फेक वीडियो बनाकर सार्वजनिक किया है. उनके मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस फेक वीडियो को फॉरवर्ड करने का काम किया है. सौभाग्य से मैंने जो बोला था, उसकी भी रिकॉर्डिंग हुई थी. वो रिकॉर्ड हमने सबके सामने रखा, जिससे सब स्पष्ट हो गया और आज कांग्रेस के प्रमुख नेता क्रिमिनल ऑफेंस का सामना कर रहे हैं.

हाल ही में गृह मंत्री का एक एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था, जिसमें उन्हें एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण खत्म करने का वादा करते हुए दिखाया गया था. कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सोशल मीडिया हैंडल ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि बीजेपी आरक्षण खत्म करने की तैयारी कर रही है.

वहीं, मुंबई पुलिस ने फर्जी वीडियो साझा करने के आरोप में महाराष्ट्र युवा कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल और 16 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह मामला सोमवार को बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स साइबर पुलिस स्टेशन में मुंबई बीजेपी पदाधिकारी प्रतीक कार्पे द्वारा दायर एक शिकायत पर दर्ज किया गया.

इस वीडियो के संबंध में एक शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी. बीजेपी के मुताबिक, यह फुटेज तेलंगाना में 2023 के भाषण का था, जहां गृह मंत्री ने राज्य में मुसलमानों के लिए 4 प्रतिशत “असंवैधानिक” आरक्षण के बारे में बात की थी.

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