Lucknow: जोन-1 में पुराने RTO ऑफिस के पीछे गंदगी का अंबार; स्थानीय लोगों का आरोप—सुपरवाइजर ही डलवाते हैं कूड़ा, जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल*
लखनऊ को स्वच्छता में नंबर-वन बनाने के लिए नगर आयुक्त और महापौर लगातार साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने के दावे कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम जोन-1 की जमीनी तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
लाटूश रोड स्थित पुराने आरटीओ ऑफिस के पीछे, लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित सामुदायिक केंद्र के आसपास गंदगी और कूड़े का अंबार लगा हुआ है। सार्वजनिक उपयोग के लिए बने परिसर की स्थिति ऐसी है कि यहां नियमित सफाई व्यवस्था ही सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप—सुपरवाइजर ही डलवाते हैं कूड़ा
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि यहां बाहर से कूड़ा लाकर डाला जाता है और इसमें सफाई व्यवस्था से जुड़े सुपरवाइजर की भूमिका भी जांच के दायरे में होनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर निगम के जिम्मेदार कर्मचारियों की निगरानी में ही सार्वजनिक स्थान कूड़ा डंपिंग स्थल बन रहे हैं, तो स्वच्छता अभियान अपने उद्देश्य तक कैसे पहुंचेगा?
सामुदायिक केंद्र या डंपिंग प्वाइंट?
जिस स्थान का इस्तेमाल स्थानीय नागरिकों के सामुदायिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए होना चाहिए, वहां फैली गंदगी नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रही है। सवाल यह भी है कि जोन-1 के जिम्मेदार अधिकारी और सफाई अमला इस स्थिति से अब तक अनजान कैसे रहा?
नगर आयुक्त-महापौर के प्रयासों को नीचे का सिस्टम लगा रहा पलीता?
एक ओर नगर आयुक्त और महापौर लखनऊ को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने और शहर को नंबर-वन बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की तस्वीरें बताती हैं कि जमीनी स्तर पर निगरानी और जवाबदेही को और सख्त करने की जरूरत है।
अब देखना यह होगा कि जोन-1 प्रशासन सामुदायिक केंद्र से कूड़ा कब हटवाता है और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर जिम्मेदारी किसकी तय की जाती है।