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इतिहास के पन्ने नहीं पढ़ने वालों को मुझे प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं -सिंधिया

ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कांग्रेस के मंच से उनके परिवार पर किए गए हमले पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने इतिहास के पन्ने नहीं पढ़े हैं। मंच पर बैठे लोगों को मुझे कोई प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं हैं।

सिंधिया ने उन पर और उनके परिवार पर आरोप लगाने वाली कांग्रेस से सवाल किया कि अगर उन लोगों को इतनी ही चिंता थी तो मेरे पिताजी (माधवराव सिंधिया) और मुझे कांग्रेस में क्यों लिया। शनिवार को नगर प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए सिंधिया ने कहा कि जो उनकी भूमिका है, उन्हें निभाने दो, जो मेरी भूमिका है, वो निभाऊंगा। मैंने व्यक्तिगत राजनीति कभी नहीं की और आगे भी नहीं करूंगा।

कांग्रेस के आरोपों का जवाब जनता दे चुकी है

सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस के आरोपों का जवाब जनता उपचुनाव में दे चुकी है। उपचुनाव से पहले कांग्रेस की अंचल में 34 में से 26 सीटें थी, जो कि आज 16 सीटें रह गईं हैं। सिंधिया ने कहा कि हमारा लक्ष्य नगर, अंचल, प्रदेश व राष्ट्र का विकास करना है। और हम लोग इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

गोविंद सिंह ने अप्रत्‍यक्ष रूप से घेरा था सिंधिया को

शुक्रवार को ग्वालियर में हुई आमसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने अप्रत्‍यक्ष रूप से सिंधिया पर हमला बोलते हुए कहा था कि लक्ष्मीबाई ने संघर्ष करते हुए इसी जमीन पर अंतिम सांस ली थी। ग्वालियर के महाराजा के आग्रह पर आई थी। यदि ग्वालियर का खानदान साथ दे देता तो देश पहले ही आजाद हो जाता है।

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