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फ्रांस ने नाइजर से सैकड़ों विदेशियों को सुरक्षित निकाला इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल

नाइजर में तख्तापलट के बाद फ्रांस और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए स्थिति चिंताजनक बन गई है। इसे देखते हुए फ्रांस लगातार अपने नागरिकों को वहां से निकाल रहा है। फ्रांस सरकार ने पिछले दो दिनों में

करीब 1000 विदेशी लोगों को सुरक्षित निकाला, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। भारत में फ्रांस के राजदूत ने इमैनुएल लेनैन ने ट्वीट कर कहा कि फ्रांस सरकार ने कई उड़ानों के जरिए करीब 992 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जिनमें से 560 उसके नागरिक हैं जबकि बाकी में भारतीय नागरिकों समेत कई अन्य देशों के नागरिक शामिल हैं।

क्या हैं हालात?

नाइजर में फ्रांस के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है और सैन्य तख्तापलट के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा कि राजधानी नियामे में परसों हमारे दूतावास पर हिंसा हुई और हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया। ऐसे में फ्रांस के नागरिकों के लिए अपने साधनों से देश छोड़ने की कोई संभावना नहीं है। फ्रांस अपने नागरिकों के अलावा और देश छोड़ने के इच्छुक यूरोपीय नागरिकों को भी निकालने की पूरी कोशिश कर रहा है। बता दें कि रविवार को नाइजर की राजधानी नियामे में फ़्रांसीसी दूतावास पर हमला हुआ और फ्रांस के झंडे जलाए गये।

रुस का समर्थन

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, तख्तापलट समर्थक प्रदर्शनकारियों को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नाम लेते देखा गया। लोगों की भीड़, फ्रांस मुर्दाबाद (Down with France), रुस जिंदाबाद (long live Russia) और पुतिन जिंदाबाद (long live Putin) के नारे लगा रहे थे। वैसे रुस ने विद्रोहियों से देश के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद बज़ौम को रिहा करने का भी अनुरोध किया है, लेकिन इसकी संभावना कम नजर आ रही है।

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