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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग का धार कलेक्टर और एसपी को नोटिस यह है कारण

धार। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर धार कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई करने को कहा है। इसमें कहा गया है कि धार जिले के मनावर में नौ अगस्त को राजनीतिक रैली में बच्चों को शामिल किए जाने के मामले में आवश्यक जांच करते हुए संबंधितों के खिलाफ फिर दर्ज की जाए। आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेट्री धर्मेंद्र भंडारी ने नोटिस जारी किया है।

आयोग को मिली थी ल‍िखि‍त श‍िकायत

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अपने नोटिस में बताया कि हमें एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। इसमें बताया गया कि विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त 2023 को जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन यानी जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डाक्टर हीरालाल अलावा ने धार जिले के मनावर में एक कार्यक्रम किया था। इस सभा में बच्चे शामिल हुए।

किशोर न्याय अधिनियम का उल्‍लंघन

नोटिस में लिखा गया है कि प्राथमिक रूप से यह किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 का उल्लंघन किया गया है। साथी भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन और अन्य आदेशों का भी उल्लंघन किया है। आयोग ने कलेक्टर और एसपी को लिखे पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि डा हीरालाल अलावा के खिलाफ जांच करते हुए प्रकरण दर्ज किया जाए। जिन्होंने विधि का उल्लंघन किया है। कलेक्टर व एसपी से संबंधित के खिलाफ जो कार्रवाई करते हुए उसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।

विधायक बोले-जयस राजनीतिक दल नहीं

इधर इस संबंध में मनावर के कांग्रेस विधायक डा हीरालाल अलावा ने कहा कि नौ अगस्त को जो आयोजन हुआ था। वह आयोजन जय युवा आदिवासी संगठन का था। जो कि शुद्ध रूप से सामाजिक संगठन है। जयस राजनीतिक दल नहीं है।

विधि का उल्लंघन नहीं बताया

उन्‍होंने कहा कि मणिपुर की घटना को लेकर हमने यह जन आक्रोश रैली निकली थी। इसमें समाज के लोग शामिल हुए। इस तरह से कोई राजनीतिक रैली में बच्चों को शामिल करने और अन्य बातों को लेकर कोई सवाल ही नहीं उठता है। यह किसी भी तरह से विधि का उल्लंघन नहीं है। इसका मैं जवाव दे रहा हूं। आयोग ने इतनी जल्दी शिकायत भी प्राप्त कर ली और इसमे नोटिस भी जारी कर दिया। इसको लेकर परीक्षण कर रहा हूं। मामले को समझ कर इसका जवाब दिया जा रहा है।

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