Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

CPI माओवादी गिरफ्तारी और हथियार जब्ती मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, 23वें आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

झारखंड में सीपीआई (माओवादी) की गिरफ्तारी और हथियार जब्ती मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को एक और आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया. एनआईए ने झारखंड के प्रदीप सिंह चेरो के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है. वह इस मामले में 23वें आरोपी हैं.

एनआईए की जांच में कई सीपीआई (माओवादी) के सशस्त्र कैडर और जमीनी मददगारों की संलिप्तता सामने आई है. जांच एजेंसी को इस मामले की जांच जून 2022 में सौंपी गई थी. तब से अब तक एजेंसी पांच पूरक आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है. वहीं, इससे पहले मामले की जांच कर रही झारखंड पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था.

आरोपी प्रदीप सिंह चेरो के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है. चेरो पर प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के टॉप कमांडर प्रशांत बोस की गिरफ्तारी का बदला लेने के लिए सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रचने का आरोप है. उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूए(पी) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.

फरवरी 2023 में हुआ था सुरक्षा बलों पर यह हमला

चेरो ने फरवरी 2023 में झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार इलाके में सुरक्षा बलों पर यह हमला किया था. उस समय सीपीआई (माओवादी) के क्षेत्रीय कमांडर रवींद्र गंझू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में माओवादी सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए लोहरदगा के बुलबुल जंगल में जमा हुए थे. गंझू के साथ सक्रिय सीपीआई (माओवादी) कार्यकर्ता बलराम उरांव और मुनेश्वर गंझू के साथ 45-60 और लोग थे.

झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था, जिसके दौरान उन पर सीपीआई (माओवादी) कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद हुए तलाशी अभियान में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया. फिलहाल एनआईए इस मामले की जांच कर रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.