Breaking News in Hindi

Flashback 2023 : इस साल के वो 5 बड़े राजनीतिक मुद्दे, जो खूब रहे चर्चा में

साल 2023 अपने आखिरी पड़ाव पर आ चुका है। राजनीतिक रूप में इस साल कई चौंकाने वाले फैसले तो कई गंभीर मसले उजागर होते दिखे जिनके ऊपर खूब बहस देखने को मिली। इसके अलावा कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हुए जिनमें कुछ सियासी दलों के लिए 2023 नए अवसर लाया तो कईयों के लिए कड़ी मेहनत का संदेश भी देकर जा रहा है। तो चलिए आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं वो 5 बड़े राजनीतिक मुद्दे जो इस साल खूब चर्चा में रहे।

अनुच्छेद 370 हटाना वैध
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला अनुच्छेद 370 भारत के संविधान में अस्थायी प्रावधान के रूप में 17 अक्तूबर, 1949 को शामिल किया गया था। इसी के अनुसार 5 अगस्त, 2019 को केंद्र सरकार ने इसे समाप्त करने के साथ ही राज्य को 2 हिस्सों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट कर दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया। इस फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में 23 याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिन पर अनुच्छेद 370 हटाने के 4 वर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों, चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस सूर्यकांत पर आधारित पीठ ने फैसला सुनाया।

समलैंगिक विवाह को मान्यता नहीं
भारत की शीर्ष अदालत ने 17 अक्टूबर को समलैंगिक विवाहों को वैध बनाने से इनकार कर दिया और एक फैसले में जिम्मेदारी संसद को सौंप दी, जिससे देश में एलजीबीटीक्यू अधिकारों के लिए प्रचारकों को निराशा हुई। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने सरकार से समलैंगिक समुदाय के अधिकारों को बनाए रखने और उनके खिलाफ भेदभाव को समाप्त करने का भी आग्रह किया।

राहुल गांधी के मानहानि मामले पर SC
4 अगस्त को, सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में एक राजनीतिक रैली के दौरान उनकी कथित ‘मोदी’ उपनाम वाली टिप्पणी से संबंधित आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी। जहां उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद उनकी संसदीय सदस्यता समाप्त हो गई थी। राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में भी खूब बवाल होता हुए देखने को मिला था, लेकिन अंत में फैसला राहुल गांधी के पक्ष में गया।

मनीष सिसोदिया गिरफ्तार
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया, जिन्हें आम आदमी पार्टी के नंबर 2 नेता के रूप में देखा जाता था, को दिल्ली की अब समाप्त हो चुकी शराब नीति से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में 26 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। यह घटनाक्रम अरविंद केजरीवाल सरकार के लिए एक बड़ा झटका था। इससे पहले आप के वरिष्ठ नेता सत्येन्द्र जैन को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अक्टूबर में आप सांसद संजय सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया. श्री सिसोदिया ने अपने खिलाफ आरोपों को खारिज कर दिया है और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राजनीतिक कारणों से उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया है। वह जमानत के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटा रहे हैं लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है।

मणिपुर हिंसा
मणिपुर में पहाड़ी जिलों में एक आदिवासी छात्र संगठन द्वारा निकाली गई विरोध रैली के बाद जातीय हिंसा भड़क उठी। इसका कारण मणिपुर उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को मैती समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग पर केंद्र को सिफारिश भेजने का निर्देश था। इसका जनजातीय समुदायों ने कड़ा विरोध किया, जिससे अशांति फैल गई जो अभी भी जारी है। मीटीज़ और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच हिंसक झड़पों में 180 से अधिक लोग मारे गए थे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले...