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INDIA: ‘नाम का इस्तेमाल करके अपनी नैय्या पार लगाना चाहते हैं’, विपक्षी की बैठक पर राजनाथ सिंह का निशाना

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेता केवल अपने गठबंधन के नाम पर भरोसा कर रहे हैं क्योंकि यही उनके लिए एकमात्र सहारा बचा है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन के बारे में ‘नाम बड़े और दर्शन छोटे’ वाली कहावत का भी जिक्र किया। इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) की दो दिवसीय बैठक बृहस्पतिवार को मुंबई में शुरू हुई। बैठक के दौरान 2024 के लोकसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुकाबला करने की रणनीति और रूपरेखा पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

पहले की तुलना में बढ़ा भारत का कद
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब शक्तिशाली हो गया है और वैश्विक स्तर पर अब कोई भी इसे कमजोर राष्ट्र नहीं मानता। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर भारत का कद पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है और वह जो बोलता है दुनिया उसे ध्यान से सुनती है, ऐसा पहले नहीं होता था। सिंह ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के प्रवरनगर में सहकारी आंदोलन के प्रणेता डॉ. विट्ठलराव विखे पाटिल की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष ने ‘इंडिया’ नामक एक नया समूह बनाया है। उन्होंने कहा, “यह एक गजब नाम है…इंडिया। मुझे पता चला कि आज उनकी बैठक हो रही है, लेकिन जैसा कि सभी जानते हैं, यह ‘नाम बड़े और दर्शन छोटे’ के अलावा कुछ नहीं है। इन लोगों के लिए, नाम ही एकमात्र सहारा है। वे इस नाम का उपयोग करके अपनी नैय्या पार लगाना चाहते हैं।” सिंह ने कहा, ‘‘लेकिन सिर्फ इस नाम के इस्तेमाल से नदी को पार नहीं किया जा सकता… अकेले नाम के इस्तेमाल से भंवर को पार नहीं किया जा सकता, इसके लिए कर्म की जरूरत होती है।” उन्होंने कहा कि आज का भारत पहले जैसा नहीं रहा।

अब भारत को दुनिया ध्यान से सुनती है
सिंह ने कहा, “हमारा भारत अब वैसा नहीं है जैसा पहले हुआ करता था जब देश के नेता विभिन्न वैश्विक मंचों पर जाते थे और बोलते थे लेकिन दुनिया कभी भी उन्हें गंभीरता से नहीं सुनती थी। अन्य देश सोचते थे कि ‘यह भारत है, कमजोर राष्ट्र’ और हम इसे क्यों सुनें।” केंद्रीय मंत्री ने कहा, लेकिन आज दुनिया में भारत का कद इतना बढ़ गया है कि जब वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलता है तो दुनिया ध्यान से सुनती है। उन्होंने कहा कि जब रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ तो कई भारतीय छात्र यूक्रेन में फंसे हुए थे

सिंह ने कहा, “चिंतित माता-पिता ने छात्रों को निकालने के लिए (प्रधानमंत्री) मोदी जी से अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन किया। और करिश्मा देखिए, युद्ध साढ़े चार घंटे तक रुका रहा और हमारे छात्रों को बाहर निकाला गया। लगभग 23,000 छात्रों को वापस लाया गया।” उन्होंने कहा कि लेकिन विपक्ष को यह पसंद नहीं है।

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